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खाकी का गंदा खेल: सालभर बाद कढर अधिकारी पर मामला दर्ज, ड्रग्स केसों में फंसाने और बचाने के लिए लेते हैं रिश्वत

चंडीगढ़। ड्रग्स तस्करी में एनडीपीसी एक्ट के मामलों में नामजद आरोपितों को फंसाने व बचाने का नाम पर गंदा खेल चल रहा है। यह खेल खाकी की आड़ में खेला जा रहा है। पुलिस वाले ही पुलिस वालों को ड्रग्स के मामलों में फंसाने और केसों से नाम बाहर निकालने के लिए रिश्वत ले रहे है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है।
पंजाब आर्म्ड पुलिस का अधिकारी नामजद
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने ने इस मामले में फिरोजपुर के पूर्व डीआइजी मौजूदा में जालंधर पंजाब आर्म्ड पुलिस (पीएपी) आइपीएस अधिकारी इंद्रबीर सिंह को नामजद किया है। इस मामले में जल्द ही इंद्रबीर सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। मामला एक साल पुराना है।
अवैध तौर पर बंधक बनाने और झूठा मुकदमा दर्ज
सीआइए स्टाफ पट्टी के तत्कालीन प्रभारी सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा को फिरोजपुर के सीआइए स्टाफ में अवैध तौर पर बंधक बनाने और झूठा मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर 23 लाख की राशि ऐंठने के मामले में विजिलेंस ब्यूरो की ओर से आइपीएस इंद्रबीर सिंह को रविवार को नामजद कर लिया गया।
एनडीपीएस एक्ट का झूठा मुकदमा किया था दर्ज
15 जुलाई 2022 को फिरोजपुर के तत्कालीन डीएसपी लखबीर सिंह व फिरोजपुर रेंज के पूर्व डीआइजी इंद्रबीर सिंह के रीडर इंस्पेक्टर बरजिंदर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी मामले में थाना पट्टी में एफआईआर नंबर-115 दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सीआइए स्टाफ पट्टी के प्रभारी सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा को फिरोजपुर बुलाकर सीआइए स्टाफ में रात भर बंधक बनाया गया व एनडीपीएस एक्ट का झूठा मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई।
23 लाख की राशि हड़पी
इससे पहले बाजवा का डोप टेस्ट भी करवाया गया था। बलजिंदर सिंह बाजवा से 23 लाख की राशि वसूली गई थी। जुलाई महीने में बाजवा की ओर से तरनतारन के तत्कालीन एसएसपी रणजीत सिंह ढिल्लों को हलफिया बयान दिया गया। जिसकी जांच में सामने आया था कि फिरोजपुर में तैनात रहे डीएसपी लखबीर सिंह व डीआइजी इंद्रबीर सिंह के रीडर इंस्पेक्टर बरजिंदर सिंह ने 23 लाख की राशि बाजवा से हड़पी थी।
सरकार ने मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी
पट्टी में एफआइआर दर्ज होने के बाद पंजाब सरकार ने मामले की जांच विजिलेंस ब्यूरो को दी। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा जांच में पाया गया कि सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा से 23 लाख की राशि वसूलने के मामले में फिरोजपुर रेंज के तत्कालीन डीआइजी इंद्रबीर सिंह की भी भूमिका है।
डीआइजी का पॉलीग्राफ टेस्ट लेने की अर्जी दायर
बता दें कि तरनतारन के एडिशनल सेशन जज आरके शर्मा की अदालत में डीआइजी का पॉलीग्राफ टेस्ट लेने के लिए अर्जी दायर की जा चुकी है। जिस पर सुनवाई सात जुलाई को होगी।
तस्कर को बचाने के लिए दस लाख लेने के मामले में भी नामजद 30 जून 2022 को सीआइए स्टाफ पट्टी के एएसआइ चरणजीत सिंह द्वारा एक्टिवा (पीबी-46-एक्स-0596) पर सवार नशा तस्कर सुरजीत सिंह माडी मेघा को 900 ग्राम हेरोइन समेत गिरफ्तार किया गया था। इस मामले के तार नशा तस्कर पिशोरा सिंह के साथ जुड़े।
मुकदमे से बचाने के लिए 10 लाख की ली रिश्वत
पिशौरा सिंह को मुकदमे से बचाने के लिए 10 लाख की रिश्वत ली गई थी। यह रिश्वत डीएसपी लखबीर सिंह ने अपने चचेरे भाई रछपाल सिंह (एएसआइ पंजाब पुलिस) के माध्यम से ली गई थी। इस मामले में एएसआइ रछपाल सिंह, उसके निशान सिंह व हीरा सिंह को नामजद करने के बाद फिरोजपुर के तत्कालीन डीएसपी लखबीर सिंह को भी नामजद कर लिया गया था।
हालांकि उक्त मामले की जांच में तत्कालीन डीआइजी इंद्रबीर सिंह से भी पूछताछ की गई। इंद्रबीर सिंह को भी विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दस लाख की रिश्वत के मामले में नामजद कर लिया गया है।