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परीक्षा देने आए युवकों ने शर्ट में बटन की जगह लगाया कैमरा, ऐसे आए पकड़ में

नई दिल्ली. केरल पुलिस में परीक्षा देते युवक को पकड़ा है, क्योकि शर्ट में बटन की जगह कैमरा लगा रखा था। यह वाकई चौंकाने वाला मामला है। यह कैमरे कहीं बाहर से ही ऑपरेट हो रहे थे। कैमरे के माध्यम से प्रश्न-पत्र के फोटो खींचकर यह लोग बाहर भेज रहे थे। बाहर से पेपर Solve होकर अंदर आ रहे थे। इसके अलावा सॉल्वर गैंग खुद परीक्षार्थी भी उपलब्ध करवाता था। यानी ये साफ है कि सॉल्वर गैंग जैसा भी ग्राहक मिलता, उसके साथ वैसी ही डील करता था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपक इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है जोकि गांव काकड़ौद का निवासी है। दीपक पर पहले भी दिल्ली में न्यायिक भर्ती परीक्षा में पेपर सॉल्व करवाने का मामला दर्ज है। वह फिलहाल जमानत पर आया था। यहां काकड़ौद गांव में ही बैठकर दिल्ली में पेपर सॉल्व करवाया जा रहा था। बड़ी बात ये है कि अब इनकी गैंग तिरुवनंतपुरम तक पहुंच बन गई। इस पेपर सॉल्वर गैंग के हौसले इतने बुलंद हो गए कि इन्होंने इसरो जैसे बड़ी संस्था के भर्ती परीक्षा में भी सेंधमारी कर दी। यह पेपर सॉल्वर गैंग लगातार अपना जाल पूरे देश में फैलाता जा रहा है।


फंस रहे हैं युवा

पेपर सॉल्वर गैंग के जाल में युवा तेजी से फंस रहे हैं। युवा नौकरी पाने के लिए हर प्रकार के हथकंडे अपनाने को तैयार रहता है। इसी कारण बेरोजगार युवा इनके जाल में फंस जाते हैं। इसके अलावा जितनी बड़ी नौकरी के लिए परीक्षा होती है, उतनी बड़ी रकम यह लोग ऐंठते हैं। जानकारी के मुताबिक किसी दूसरे की जगह परीक्षार्थी बैठाने के कम से कम पांच लाख रुपये लिए जाते हैं। इसके लिए आवेदन से लेकर परीक्षा तक सभी प्रकार की कार्रवाई पेपर सॉल्वर गैंग के लोग ही करते हैं।


पेपर सॉल्वर गैंग के 70 लोग राडार पर

जींद जिले में पेपर सॉल्वर गैंग के करीब 70 लोग केरल पुलिस के राडार पर हैं। इनमें सबसे ज्यादा युवा उचाना थाना क्षेत्र के गांवों से हैं। इसके अलावा सदर थाना जींद के तहत आने वाले गांवों से भी काफी युवा इसमें शामिल हैं।