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अडाणी मामले में विपक्ष के 16 दलों का पैदल मार्च:ED ऑफिस के लिए निकले, पुलिस ने पहले ही रोका; 25 मिनट बाद प्रदर्शन खत्म

नई दिल्ली. संसद सत्र के तीसरे दिन बुधवार को भारी हंगामे के बाद लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष के नेता जहां अडाणी मामले की जांच के लिए JPC की मांग पर अड़े रहे, वहीं भाजपा के सांसद लंदन में दिए गए बयान को लेकर राहुल गांधी से माफी की मांग पर डटे रहे।

इधर, सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर विपक्ष के 16 नेताओं ने बैठक की। आज ही राहुल गांधी विदेश से लौटे और एक बार फिर अडाणी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इधर, सत्र स्थगित होते ही विपक्ष के नेता ED ऑफिस पर प्रदर्शन के लिए निकले। हालांकि पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक लिया। 

सत्र शुरू होने से आधे घंटे पहले यानी सुबह साढ़े 10 बजे कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के पार्लियामेंट चैंबर में विपक्ष के 16 दलों के नेताओं ने बैठक की। इसमें हिंडनबर्ग-अडाणी रिपोर्ट की जांच के लिए JPC की मांग को लेकर सरकार पर और दबाव बनाने पर सहमति बनी। सभी दलों ने एक सुर में अडाणी मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

इसके अलावा बैठक में यह भी तय हुआ कि अडाणी मामले की जांच को लेकर एक चिट्‌ठी लिखी जाएगी, जिस पर सभी विपक्षी सांसदों के दस्तखत होंगे। इसे ED को सौंपा जाएगा और जांच की मांग की जाएगी। इसके लिए संसद से लेकर ED ऑफिस तक पैदल मार्च किया जाएगा।

इससे पहले संसद सत्र के तीसरे दिन भी भाजपा और कांग्रेस के बीच राहुल और अडाणी मुद्दे को लेकर जमकर टकराव हुआ। भाजपा ने जहां एक बार फिर लंदन में राहुल गांधी के दिए बयान को लेकर उनसे सदन में माफी की मांग की। वहीं कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अडाणी-हिंडनबर्ग रिपोर्ट की JPC से जांच की मांग को लेकर हंगामा किया। आखिरकार हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 2 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो हंगामा जारी रहा। इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।