अमेरिकी वैज्ञानिक ने ऐसा हेलमेट तैयार किया है तो इंसान का दिमाग पढ़ने में सक्षम है। हेलमेट तैयार करने वाले बायोहैकर ब्रायन जॉनसन का कहना है, इंसान के दिमाग में क्या चल रहा है, उसकी तस्वीर दिखाने में यह हेलमेट असरदार है। उम्मीद है 2030 तक ऐसे सेंसर वाले हेलमेट बनाए जा सकेंगे जो स्मार्टफोन से ज्यादा महंगे नहीं होंगे। फिलहाल वर्तमान में तैयार एक हेलमेट की कीमत 37 लाख रुपए है।
मेंटल डिसऑर्डर के मरीजों को मिलेगी मदद
ब्रायन का कहना है, इस हेलमेट को जल्द ही मार्केट में उतारा जाएगा। इसका इस्तेमाल उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो मानसिक रोगी हैं या स्ट्रोक के मरीज हैं। यह मस्तिष्क के न्यूरॉन्स की एनालिसिस करता है और दिमाग की हर गतिविधि को अनगिनत समय तक पढ़ सकता है।
इंसानी दिमाग को AI से जोड़ने का लक्ष्य था
कैलिफोर्निया के स्टार्टअप कर्नल के फाउंडर ब्रायन जॉनसन का कहना है, हम लम्बे समय से ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे जिससे इंसान के दिमाग को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ सकें। वो सफर पूरा हो चुका है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉनसन ने दो हेलमेट तैयार किए हैं। एक हेलमेट का कोडनेम ‘फ्लो’ और दूसरे का ‘फ्लक्स’ है। वैज्ञानिक का दावा है कि इनका ट्रायल भी हो चुका है, जो सफल रहा है।
ऐसे काम करता है हेलमेट
इंसान के दिमाग में क्या चल रहा है, इसे समझने के लिए दोनों हेलमेट अलग-अलग तरह से काम करते हैं। फ्लो हेलमेट ब्रेन में मौजूद खून के ऑक्सीजन को मापने के लिए लेजर लाइट का प्रयोग करता है। वहीं, फ्लक्स हेलमेट ‘मैगनेट-एनसेफेलोग्राफी’ प्रक्रिया पर काम करता है। इस प्रक्रिया में हेलमेट ब्रेन की मैगनेटिक फील्ड की रिकॉर्डिंग करता है।