नई दिल्ली
भारत के शीर्ष पुरातत्वविदों में शामिल प्रोफेसर बीबी लाल (ब्रज बासी लाल) का निधन हो गया है। वह 101 साल के थे। उन्होंने शुक्रवार रात दिल्ली स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। अपने लंबे जीवनकाल में बीबी लाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक भी रहे। उन्होंने पुरातत्वविदों की चार पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया। उनके निधन पर पुरातत्वविदों के साथ ही इतिहासकारों ने भी शोक जताया है।
अयोध्या की बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे की नींव में मंदिर मौजूद होने की खोज को लेकर बीबी लाल सबसे ज्यादा चर्चा में आए। अपनी इस खोज से वह इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गए। बीबी लाल के शिष्य प्रो. अशोक सिंह ने बताया, ‘बीएचयू के पुराविद प्रोफेसर एके नारायण ने 60 के दशक में पहली बार अयोध्या में पुरातात्विक उत्खनन का काम शुरू कराया। यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका, तो उन्होंने खुदाई का काम अपने हाथ में ले लिया। यहां से प्राचीन वस्तुएं मिलने पर उन्होंने BHU को इसकी जानकारी दी। इसी पुरातात्विक साक्ष्य के आधार पर कोर्ट में यह साबित हुआ कि अयोध्या में मंदिर था।’
अयोध्या समेत कई ऐतिहासिक स्थलों की खुदाई की
रिपोर्ट के मुताबिक, बीबी लाल का जन्म साल 1921 में उत्तर प्रदेश के झांसी में हुआ था। उन्होंने हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), शिशुपालगढ़ (उड़ीसा), पुराण किला (दिल्ली), कालीबंगन (राजस्थान) सहित कई अहम ऐतिहासिक स्थलों की खुदाई की और इतिहास की बहुत सारी छिपी परतें दुनिया के सामने खोल दीं। उन्हें साल 2000 में पद्म भूषण से सम्मान किया गया।