नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद से लोगों ने कैश रखना कम कर दिया है, लेकिन अभी ऐसे लोग है, जो बैंक या एटीएम जाने के बजाए घर में ही कैश रखते हैं। डिजिटल ट्रांजैक्शन के बजाए लोग कैश में लेनदेन करते हैं। घर में कैश रखने और कैश में डील करने से पहले आपको घर में कैश रखने की लिमिट की जानकारी होनी चाहिए। अगर आप भी घर में कैश रखते हैं तो जान लीजिए कि आप घर में कितना कैश रखने रखते हैं, ताकि आपको कानूनी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़े।
इनकम टैक्स के मुताबिक घर में कैश रखने की लिमिट को लेकर कोई लिमिट तय नहीं है। यानी आप जितना चाहे उतना कैश घर में रख सकत हैं, लेकिन आपके पास उन कैश का सोर्स होना चाहिए। अगर आपके जांच एजेंसी कैश के सोर्स के बारे में सवाल करती है तो आपको उसके बारे में पता होना चाहिए। आपने वो कैश कहां से लिया, उसके इनकम का सोर्स क्या है और आपकी दलीलों की पुष्टि के लिए पूरे दस्तावेज होने चाहिए।
अगर आप घर में कैश रखते हैं तो आपके पास उसके लिए पर्याप्त दस्तावेज होना चाहिए। अगर आप सोर्स नहीं बता पाते हैं आप परेशानी में पड़ सकते हैं। आपके पास इसके लिए पूरे डॉक्यूमेंट्स हैं या आपने टैक्स रिटर्न भरा है तो घबराने की जरूरत नहीं है।
आपके घर में रखा कैश आपको तब मुश्किल में डाल सकता है जब आपके पास उसके सोर्स की जानकारी नहीं है। कैश से संबंधित सही जानकारी नहीं होने पर आपको भारी जुमार्ना भरना पड़ सकता है। आपके घर से जितना कैश बरामद होगा, उस रकम का 137% तक आपको जुमार्ना देना होगा।
अगर आप बैंक में 50 हजार से अधिक तक का कैश निकालते या जमा करते हैं तो आपको पैन कार्ड दिखाना होगा। वहीं अगर अगर आप एक साल में अपने बैंक खाते में 20 लाख रुपये से ज्यादा कैश जमा करते तो भी आपको पैन और आधार दिखाना होगा।