मुंबई
भारत को रविवार को एएफसी महिला एशियाई कप से बाहर होने के लिए बाध्य होना पड़ा। टीम की 12 खिलाड़ियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद चीनी ताइपे के खिलाफ ग्रुप ए मैच शुरू होने से चंद मिनट पहले ही रद्द करना पड़ा। कोविड मामलों के आलवा दो खिलाड़ी चोटिल होने के कारण बाहर हो गईं थीं। भारत जरूरी न्यूनतम 13 खिलाड़ियों के नाम देने में विफल रहा। एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय टीम ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है और भारत के सभी मैच रद्द कर दिए गए हैं।
चीनी ताइपे की टीम मैदान पर वार्म-अप कर रही थी लेकिन भारतीय टीम का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। भारत को बुधवार को अपना अंतिम ग्रुप मैच चीन के खिलाफ खेलना था लेकिन इसके भी होने की संभावना नहीं है। टीम के पास शुरुआती एकादश उतारने के लिए पर्याप्त खिलाड़ी नहीं हैं। नाकआउट 30 जनवरी से शुरू होंगे जिससे टूर्नामेंट के आयोजकों के लिए कार्यक्रम में फेरबदल करना असंभव हो गया है।
एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए टूर्नामेंट का अनुच्छेद 4.1 का नियम लागू होगा जो स्पष्ट करता है कि अगर टीम एक मैच के लिए एकत्र नहीं हो पाती है तो इसका मतलब होगा कि ‘उसने संबंधित टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है।’
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा,‘हम उतने ही निराश हैं जितना शायद पूरा देश इस समय इस अवांछित स्थिति के पैदा होने से होगा। हालांकि खिलाड़ियों का स्वास्थ्य हमारे लिए सर्वोपरि है। किसी भी परिस्थितियों में इससे समझौता नहीं किया जा सकता। मैं सभी संक्रमित खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के जल्द से जल्द पूर्ण रूप से ठीक होने की कामना करता हूं। एआईएफएफ और एएफसी उनका पूरा समर्थन करेगा।’