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कोटा के काला तालाब में मगरमच्छों की मौत पर कोर्ट गंभीर, जिला कलेक्टर समेत कई अफसरों को किया तलब

कोटा।

राजस्थान के कोटा स्थित काला तालाब में एक महीने में 50 से अधिक मगरमच्छों की मौत के मामले को अब कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मामले को लेकर स्थायी कोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है। इसके बाद कोर्ट ने नगर विकास न्यास सचिव, जिला कलेक्टर और उपवन संरक्षक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले पर सुनवाई आगामी 21 मार्च को होगी। अधिवक्ता लोकेश सैनी की ओर से अदालत में यह याचिका दायर की गई है।

50 मगरमच्छ की मौत से मचा था शहर में हड़कंप 
कला के पास यूआईटी द्वारा करवाए जा रहे पार्क और आवासी योजना के कार्य के चलते इन मगरमच्छों की मौत होने की बात सामने आई है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब में जो मिट्टी और फ्लाई ऐश डाला जा रहा है उससे पानी में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। जिसके चलते इन मगरमच्छों की मौत हो रही है। स्थानीय लोगों ने यूआईटी अधिकारियों पर यह भी आरोप लगाया था कि लगातार मिट्टी डालने की वजह से मगरमच्छ नीचे दब गए हैं लेकिन अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं यूआईटी के अधिकारियों ने मामले में चुप्पी साध रखी है।

सांगोद विधायक भरत सिंह ने भी कार्रवाई को लेकर लिखा था पत्र 
कोटा काला तालाब में 50 मगरमच्छों के मरने के मामले में जांच करने के बाद कार्रवाई को लेकर सांगोद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक भरत सिंह ने वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा को पत्र लिखा था। सिंह ने मांग की थी कि यह मामला काफी गंभीर है, इसमें जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। काला तालाब में मगरमच्छों की मौत को लेकर भरत सिंह का कहना है कि इन मगरमच्छों के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए थी। विकास कार्यों के बीच में मगरमच्छों की मौत होना, अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है।