ब्रेस्टफीडिंग के जरिए एक कोरोना पॉजिटिव मां अपने बच्चे को संक्रमित कर सकती है या नहीं, लोगों को इस पर बहुत कंफ्यूजन रहता है। इसे दूर करने के लिए हाल ही में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की है। इसमें उन्होंने बताया है कि ब्रेस्टफीडिंग के जरिए संक्रमित महिला से उसके बच्चे में वायरस ट्रांसफर होने का अब तक कोई भी सबूत नहीं मिला है। इस शोध को पीडियाट्रिक रिसर्च जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
ब्रेस्ट मिल्क में न के बराबर मिला कोरोना वायरस
वैज्ञानिकों के अनुसार, ब्रेस्ट मिल्क में बहुत ही कम मात्रा में कोरोना वायरस का जेनेटिक मटेरियल पाया गया है। हालांकि इस मटेरियल से वायरस मल्टीप्लाई होकर दूध पीते बच्चे को संक्रमित कर सकता है, इसका कोई क्लिनिकल सबूत नहीं मिला है।