नागौर
नागौर के पूर्णा राम राजस्थान में ‘जगत मामा’ के नाम से पहचाने जाते हैं। पूर्णा राम खुद पढ़ नहीं पाए, लेकिन उन्होंने गांव के बच्चों को पढ़ने के लिए मोटिवेट किया। वे बच्चों को 4 करोड़ से ज्यादा रुपए की नकद राशि इनाम के तौर पर बांट चुके हैं। 3 दिन पहले 90 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
जिले के राजोद गांव के रहने वाले पूर्णाराम के परिचितों ने बताया कि उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि बच्चे उन्हें मामा कहकर बुलाते और वे बच्चों को भांजा। उनके निधन के उनकी याद में जायल कॉलेज का नामकरण ‘जगत मामा’ के नाम से करने की मांग की जा रही है।