करीब चार माह पहले नगर परिषद ने करवाया था सड़क का निर्माण हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। किशनगढ़ मेगा हाइवे पर हाल ही में बनाई गई सड़क करीब तीन-चार माह बाद ही जगह-जगह से धंस गई है। सड़क उधड़ने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदार ने यह सब छिपाने के लिए धंसने वाली जगहों पर गड्ढे कर उनमें मिट्टी, पत्थर आदि भरकर लीपापोती कर दी है। लेकिन इन गड्ढों से भी अब वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और हर समय हादसे का अंदेशा बना हुआ है। टाउन निवासी राकेश सेतिया ने बताया कि मेगा हाइवे पर कोहला नहर से रावतसर की तरफ करीब तीन-चार माह पहले नगर परिषद की ओर से सड़क का निर्माण करवाया गया था। यह सड़क श्रीनगर, रामसरा, पीलीबंगा को जोड़ती है। पहली बार इस सड़क की सौगात मिलने पर आसपास के ग्रामीणों में खुशी थी। लेकिन तीन-चार माह में ही सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी है। कई जगह से सड़क धंस गई है। जिस जगह सड़क धंस चुकी है उस जगह ठेकेदार की ओर से गड्ढे कर उसमें मिट्टी, ग्रिट आदि डालकर खानापूर्ति कर दी गई है। लेकिन दोबारा वाहन गुजरने से उसी जगह से सड़क फिर धंस गई है। करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में सड़क में करीब 50 गड्ढे बना दिए गए हैं। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि यह सड़क ज्यादा दिन चलेगी। हर रोज नई जगह से सड़क धंस रही है। सड़क बनाने से पहले नीचे मजबूती नहीं होने के कारण सड़क धंस रही है। गड्ढों के कारण वाहन गलत दिशा में चलाने से हर समय हादसे का अंदेशा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई हो या उसी ठेकेदार से इस सड़क का दोबारा गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए निर्माण करवाया जाए न कि पेचवर्क किया जाए। उधर, नगर परिषद में निर्माण समिति के अध्यक्ष सुमित रणवां ने बताया कि यह सड़क करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनी है। इस सड़क का निर्माण उसी ठेकेदार की ओर से करवाया गया है जिसने राधा स्वामी डेरा से अण्डरपास की तरफ सड़क का निर्माण किया था। दोनों सड़कों में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है। कोई अन्य कारण सड़क के धंसने का रहा होगा। क्योंकि जिस जगह से सड़क धंसी है, उस जगह मलबा काफी बिछाया गया था। अधिकारियों की ओर से चार-पांच फीट तक साफ भी करवाया था। लेकिन यहां कि सोल ऐसी है कि जम्प लेने की वजह से मलबा दिक्कत कर गया। किसान भी इस सड़क से कृषि जिन्स लेकर धानमंडी में पहुंच रहे हैं। ठेकेदार को पेचेज ठीक करने को कहा गया था। लेकिन ठेकेदार की मंशा जिस साइड से सड़क धंसी है उस तरफ के कारपेट को उखाड़कर दोबारा रोल कर दोबारा कारपेट करने की है। बारिश के मौसम के कारण भी ठेकेदार को रोक दिया गया है। एकबारगी ठेकेदार की ओर सड़क को ठीक किया जा रहा है ताकि ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों का आवागमन सुचारू हो सके। गारंटी पीरियड में होने के कारण एक-डेढ़ माह बाद ठेकेदार की ओर से सड़क ठीक करके दी जाएगी।