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जिम्मेदारी से बोलें राहुल गांधी, देश को जेल बनाने वाले लोकतंत्र पर चुप ही रहें; आरएसएस ने कसा तंज

समालखा (हरियाणा). आरएसएस को फासीवाद बताए जाने जैसे राहुल गांधी के बयानों पर संघ ने टिप्पणी की है। आरएसएस के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी को जिम्मेदारी से बात करनी चाहिए। आरएसएस को फासीवादी बताए जाने और उसकी मुस्लिम ब्रदरहुड से तुलना को लेकर दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि राहुल गांधी की बातों पर कोई टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने राजनीतिक अजेंडे पर चलते हैं, लेकिन हम अपना काम करते हैं। देश और दुनिया के लोग संघ को अपने अनुभव से देख और सीख रहे हैं। मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि मुख्य विपक्षी दल के नेता के नाते उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी से बात करनी चाहिए।
होसबाले ने कहा कि आरएसएस पर कांग्रेस के नेता भले ही हमला करते रहे हैं, लेकिन वह समाज में अपना काम करता रहा है। हमारे काम और क्षमता को दुनिया ने देखा है और अनुभव किया है। हरियाणा के समालखा में आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आखिरी दिन होसबाले ने कई अहम मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्हें समलैंगिक शादियों की मान्यता के सवाल पर भी बात की। उन्होंने केंद्र सरकार की राय से सहमति जताते हुए कहा कि हमारी परिवार व्यवस्था में महिला और पुरुष के बीच ही शादी हो सकती है।
‘देश को जेल में बदलने वाले लोकतंत्र पर ना बोलें’
दत्तात्रेय होसबाले ने राहुल गांधी के बयानों को लेकर कहा कि वह अपने राजनीतिक एजेंडे के चलते हम पर टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक क्षेत्र में नहीं है। ऐसे में आरएसएस के साथ उनकी कोई प्रतिस्पर्धा भी नहीं है। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक नेता के तौर पर उन्हें और जिम्मेदारी से बात करनी चाहिए। वहीं लंदन में भारत में लोकतंत्र खत्म होने जैसा बयान देने पर भी होसबाले ने राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पूरे देश को जेल में तब्दील कर दिया था, उन्हें लोकतंत्र पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।