जिला स्तरीय युवा महोत्सव 7-8 अगस्त को, 400 से अधिक कलाकार लेंगे हिस्सा
by seemasandesh
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकार लेंगे राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में हिस्सा हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। प्रदेश की लोक कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान युवा बोर्ड की ओर से राजस्थान युवा महोत्सव का आयोजन करवाया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवा कलाकारों की खोज करना तथा उन्हें प्रशिक्षण एवं सुविधा देकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना है ताकि कलाकारों को स्वावलंबी बनाया जा सके। जिला स्तरीय युवा महोत्सव कार्यक्रम 7 व 8 अगस्त को जंक्शन स्थित अरिहंत भवन में आयोजित होगा। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हंसराज जाजेवाल ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में विजेता रहने वाले प्रथम तीन स्थानों के कलाकार जिला स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। जिले के 7 ब्लॉक में से 6 ब्लॉक में कार्यक्रम आयोजित करवाया जा चुका है। टिब्बी में 200 से कम पंजीयन होने पर अभी तक प्रतियोगिता नहीं करवाई जा सकी है। जिला स्तरीय कार्यक्रम 7 और 8 अगस्त को आयोजित होगा। इसमें जिले के ब्लॉक लेवल से चयनित 400 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे। जिला स्तर से विजेता प्रथम तीन स्थानों के कलाकारों को राज्य स्तरीय युवा महोत्सव जयपुर में अपना प्रदर्शन दिखाने का मौका मिलेगा। विजेता कलाकार होंगे पुरस्कृत डीईओ जाजेवाल ने बताया कि ब्लॉक, जिला स्तरीय युवा महोत्सव में प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर विजेता रहने वाले कलाकारों को कला रत्न स्मृति चिह्न सहित प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में प्रत्येक प्रतियोगिता में विजेता रहने वाले कलाकारों को नकद पुरस्कार, कला रत्न स्मृति चिह्न सहित प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। सामूहिक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को 20 हजार, द्वितीय स्थान को 15 हजार और तृतीय स्थान को 10 हजार, वहीं एकल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान को 5 हजार, द्वितीय स्थान को 3 हजार और तृतीय स्थान को 2 हजार रुपए नकद पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव में होंगी यह प्रतियोगिताएं युवा महोत्सव में सामूहिक लोक गायन, सामूहिक लोक नृत्य, शास्त्रीय नृत्य-कथक, भरतनाट्यम, ओड़िसी, मणिपुरी, कुचीपुरी, शास्त्रीय (हिन्दुस्तानी) नाटक, चित्रकला (पोस्टर बनाना, मिट्टी मॉडलिंग), भित्ती चित्र, आशु भाषण (स्लोगन लेखन व एकल गायन कविता), शास्त्रीय वाद्य यन्त्र-हारमोनियम, तबला, बांसुरी, गिटार, सितार, मृदंग वीणा, फोटोग्राफी के साथ ही राजस्थान की लुप्त कला-फड़, रावण हत्था, रम्मत, अलगोजा, मांडना, लंघा मांगणियार, कठपुतली, खडताल, मोरचंग, भपंग आदि का आयोजन किया जा रहा है।