बीकानेर
लम्पी के कारण जिले में अब तक 50 हजार गायाें की माैत हाे चुकी है। जाेड़बीड़ काे 2010 के आस-पास गिद्ध सरंक्षण क्षेत्र घाेषित किया गया था। यह सबसे बड़ा आेपन डंपिंग यार्ड है, जहां शहर भर के मृत पशुओं काे डाला जाता है। गिद्ध, चील आदि पक्षी और वन्य जीव उन्हें खाकर अपनी भूख मिटाते हैं। सामान्य दिनाें में राेजाना 50 से 80 मृत गाएं यहां लाई जाती थीं, लेकिन लम्पी संक्रमण के फैलने के बाद दाे महीने में राेजाना 100 से 200 तक मृत गायाें काे यहां फेंका जा रहा है। हालात ये है कि सांसी समाज के लाेग इन गायाें की खाल तक नहीं उतार पा रहे। क्याेंकि मृत गायाें की खाल में छेद हाे चुके हैं। इसलिए पक्षी भी इन गायाें से दूरी बनाए हुए हैं। अब तक छह हजार से अधिक मृत गायाें काे वहां फेंका जा चुका है।