नई दिल्ली।
घरेलू शेयर बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को देखते हुए स्टार्टअप कंपनियां सहम गई हैं। इस कारण इन कंपनियों ने अपनी आईपीओ की योजना को कुछ समय के लिए टाल दिया है। इससे 2022 में आईपीओ की शुरुआत सुस्त रही है।
एलआईसी का आईपीओ मार्च में शेयर बाजारों में लिस्ट हो सकता है। इस आईपीओ के जरिए पूंजी बाजार से करीब 70 हजार करोड़ रुपए जुटाए जाने की उम्मीद है। मर्चेंट बैंकिंग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बाजार के उतार-चढ़ाव और एलआईसी के भारी-भरकम आईपीओ के चलते निवेशकों में बेरुखी बनी हुई है। इस कारण सेबी से मंजूरी मिलने के बाद भी स्टार्टअप कंपनियों ने अपनी आईपीओ की योजना को कुछ महीनों के लिए टाल दिया है। सेबी से मंजूरी पा चुकी कंपनियां ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपना रही हैं। यह कंपनियां बाजार के स्थिर होने और एलआईसी के आईपीओ की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही हैं। हालांकि, अगले एक महीने में कुछ छोटे आईपीओ आ सकते हैं।