नई दिल्ली
भारत के प्रधानमंत्री अपनी यूरोप यात्रा के पहले चरण में जर्मन राजधानी बर्लिन पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री ऐसे वक्त में आये हैं जब यूरोप पर यूक्रेन युद्ध का साया है. कारोबार पर बात होगी लेकिन यूक्रेन भी एजेंडे में रहेगा.प्रधनमंत्री मोदी ने बर्लिन के लिए रवाना होने से पहले एक बयान जारी कर कहा, “मेरी यूरोप यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब यह क्षेत्र कई चुनौतियों और विकल्पों से जूझ रहा है” बयान में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री यूरोपीय सहयोगियों के साथ सहयोग की भावना को मजबूत करने की इच्छा रखते हैं जो “शांति और समृद्धि की भारत की तलाश में अहम साथी रहे हैं” प्रधानमंत्री मोदी आज बर्लिन में जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स के मुलाकात कर रहे हैं. भारतीय अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिये इंटरव्यू में जर्मन चांसलर ने कहा है कि मोदी के साथ बातचीत के “एजेंडे में यूक्रेन पर रूस का हमला सबसे ऊपर होगा” इंडियन एक्सप्रेस ने शॉल्त्स के हवाले से लिखा है, “रूसी हमले की क्रूरता सदमे में डालने वाले और हिला कर रखने देने वाली है. जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं उन्हें दोषी ठहराया जाना चाहिए. मुझे पूरा यकीन है कि हमारे देशों में इस पर व्यापक सहमति है” इस बात के आसार दिख रहे हैं कि यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए रूस को दोषी ठहराने की कार्रवाई में भारत को साथ लाने की कोशिश होगी. जी 7 की बैठक के लिए न्यौता सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि शॉल्त्स प्रधानमंत्री मोदी को विकसित देशों के संगठन जी 7 की अगले महीने होने वाली बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित करना चाहते हैं.