सीमा सन्देश न्यूज
संगरिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय आत्म अनुभूति सेन्टर स्थापना के 31 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को ब्रह्मा भोजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगरिया बी के सैटर की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी शांति बहिन ने कहा कि परमात्मा की याद में बना भोजन महाप्रसाद होता है। उन्होंने कहा कि भोजन हमारे विचारों को प्रभावित करता है इसलिए परमात्मा की याद में बना सात्विक भोजन परमात्मा की याद में बैठकर खाना चाहिए। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा के लिए अपने घरों में नित्य प्रति ईश्वरीय याद में भोजन बनाएं। ब्रह्माकुमारी के चुरू सैंटर की संचालिका राजयोगिनी सुमन बहिन ने आत्मा और परमात्मा का परिचय देते हुए कहा कि इच्छायें ही सभी दु:खों की जड़ हैं। जिसकी इच्छाएंँ खत्म हो जाती हैं उसकी सारी चिन्तायें भी दूर हो जाती हैं और उसका मन भी उल्लासपूर्ण हो जाता है। जिसे कुछ भी इच्छा नहीं है, वही असल में इस संसार में राजा की तरह जीता है।
उन्होंने कहा, राजयोग मेडिटेशन चिन्ताओं से मुक्त करके सुखी और समृद्ध जीवन जीने का मार्ग बताता है। नोहर से इस कार्यक्रम में पहुंची राजयोगिनी रेखा बहिन ने पवित्रता, ज्ञान, सुख, प्रेम एवं शक्ति से भरपूर जीवन जीने का संदेश दिया। इससे पूर्व ब्रह्मा भोजन का भोग लगाया गया। ब्रह्मा भोजन महाप्रसाद में शहर से पहुंचे भाई बहिनों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर एपेक्स वूमेन क्लब की महिला सदस्यों ने ब्रह्माभोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश गुप्ता, डॉ महेंद्र पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण दास गर्ग, अग्रवाल महासभा अध्यक्ष संजय जिंदल, मनोहर लाल बिश्नोई, नरेश सिडाना, सतीश वधवा सतीश गुंबर आदि उपस्थित थे।