पशुपालकों ने दूध की विक्रय दरों में बढ़ोतरी का लिया निर्णय
by seemasandesh
बोले, मिलावट दूध की बिक्री से पशुपालकों को हो रहा नुकसान, मिलावट करने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई
तूड़ी व पशु आहार के दाम भी कम करने की रखी मांग हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। तूड़ी व पशु आहार के दामों में बढ़ोतरी के बाद दूध विक्रेताओं ने दूध विक्रय दरों में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर शुक्रवार को जंक्शन में करणी चौक के नजदीक पशुपालकों की बैठक हुई। बैठक में मौजूद पशुपालक मैनपाल स्वामी ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन के खाने के दांत और दिखाने के और हैं। प्रशासन के नरम रूख के कारण ही बाजार में नकली दूध, दही सप्लाई हो रहा है। पशु आहार, तूड़ी के दाम इतने बढ़ चुके हैं कि 45 रुपए प्रति लीटर दूध बेचने पर केवल खर्चा पूरा होता है और लोग डेयरी चलाकर 35 रुपए प्रति लीटर नकली दूध बेचकर आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाउडर युक्त यह नकली दूध आमजन के स्वास्थ्य के साथ-साथ बच्चों के मानसिक विकास पर भी गहरा असर डालता है जो कि बेहद चिंता का विषय है। इस मामले में दुग्ध उत्पादकों की ओर से प्रशासन से मिलकर नकली दूध बेचने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन के नुमाइंदे केवल अधिकारियों के दबाव में नाम मात्र की कार्यवाही करके इतिश्री कर लेते हैं। यह गैर कानूनी काम करने वाले बड़े मगरमच्छ अपने बिलों में बैठकर इस बड़े अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी संचालक 35 रुपए में दूध लेकर लोगों के घर तक 123 रुपए प्रति लीटर वाला पेट्रोल जलाकर दे रहा है और उसमें भी वह कमाई कर रहा है तो सोचने वाली बात यह है कि वह किस तरह से यह कारोबार कर रहा है जबकि पशु आहार व तूड़ी के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस इस रवैये के कारण दुग्ध उत्पादकों में भारी रोष व्याप्त है। इसी रोष के चलते नकली दूध सप्लाई करने वालों पर रोक लगाकर आमजन की सेहत की सुरक्षा करने की मांग को ज्ञापन प्रशासन को सौंपा जाएगा। महिला पशुपालक शांतिदेवी पूनिया का कहना था कि महंगाई के दौर में पशुपालकों को मेहनत अधिक करनी पड़ रही है। बचत कुछ नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि मिलावटी दूध की बिक्री की वजह से पशुपालकों को काफी नुकसान हो रहा है। मिलावटी दूध 25 से 30 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। पशुपालक जो गुणवत्ता युक्त दूध उपलब्ध करवाते हैं उन्हें उनकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा। गाय के दूध के दाम 50 रुपए प्रति लीटर हों तब जाकर पशुपालकों व उनके परिवार का गुजर-बसर हो। उनका कहना था कि कई पशुपालक ऐसे हैं जो कर्ज में डूब चुके हैं और जिन्दगी से तंग आ चुके हैं। बैठक में तय किया गया कि गाय के दूध के दाम 45 रुपए प्रति लीटर तय किए जाएं। इस मौके पर सुमित पूनिया, कश्मीर सिंह, संदीप सारस्वत, विकास पूनिया, सुभाष चारण, विकास कुलड़िया, नरेश सहारण, जितेन्द्र चायल, देवीलाल थालोड़, वेदप्रकाश पांडे, संजय सोनी मौजूद थे। इस दौरान वीर बैक कंपनी के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज रोझ ने दुग्ध उत्पादकों को पशुओं के रख-रखाव व दूध उत्पादन बढ़ाने के बारे में जानकारी दी।