श्रीगंगानगर (सीमा सन्देश)। एक निजी स्कूल में प्राचार्य रह चुके वरिष्ठ जन देशराज मोंगा (90) का गत दिनों निधन हो गया था। निधन के बाद उनके शरीर को सामाजिक संस्था के जरिए मेडिकल कॉलेज में अध्ययन के लिए दान कर दिया गया। राजकीय जिला चिकित्सालय के डॉ. दीपक मोंगा के पिता देशराज मोंगा डबवाली के डीएवी पब्लिक स्कूल में प्राचार्य रह चुके हैं। सामाजिक संस्था के जरिए उनकी बॉडी को टांटिया मेडिकल कॉलेज में मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए रखवाया गया है।
देशराज मोंगा सेवानिवृत होने के बाद समाजसेवा के कार्यों में जुट गए। इनके पुत्र डॉ. दीपक मोंगा के साथ पुत्रवधू डॉ. दीपिका मोंगा भी जिला चिकित्सालय में सेवाएं दे चुकी हैं। सामाजिक कार्यों से जुड़ाव के चलते बुजुर्ग देशराज मोंगा की इच्छा थी कि उनकी मृत्यु के बाद उनका शरीर दान में दिया जाए, ताकि दुनिया छोड़ने के बाद भी उनका शरीर किसी न किसी के काम आ सके। करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने राष्टÑीय रक्त नेत्र शरीरदान संघ के अध्यक्ष निर्मल जैन से संपर्क कर निधन के बाद शरीरदान का संकल्प पत्र भरा था। इसी संकल्प पत्र के आधार पर सोमवार को उनका शरीर दान किया गया। निर्मल जैन ने बताया कि देशराज मोंगा की पार्थिव देह करीब 12 बजे हनुमानगढ़ रोड स्थित शमशान भूमि में लाया गया और सामाजिक क्रियाक्रम करने के बाद संस्था को दान कर दी गई।