दिल्ली
साहित्य अकादमी से पुरस्कृत मशहूर लेखक विनोद कुमार शुक्ल का प्रकाशकों पर कथित धोखाधड़ी और पत्रों का जवाब न देने जैसे आरोपों के बाद लेखकों को प्रकाशकों की ओर से मिलने वाली रॉयल्टी पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं.मामले की शुरुआत तब हुई जब कुछ दिन पहले लेखक और अभिनेता मानव कौल ने सोशल मीडिया पर विनोद कुमार शुक्ल के साथ अपनी एक तस्वीर पोस्ट की. तस्वीर के साथ उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि इतने बड़े लेखक जिनकी दर्जनों किताबें न सिर्फ प्रकाशित हैं बल्कि बेहद लोकप्रिय भी हैं, उन पुस्तकों की रॉयल्टी के तौर पर उन्हें महज कुछ हजार रुपये मिलते हैं. मानव कौल ने लिखा, “पिछले एक साल में वाणी प्रकाशन से छपी तीन किताबों का इन्हें 6000 रुपये मात्र मिला है और राजकमल से पूरे साल का 8000 रुपये मात्र. मतलब देश का सबसे बड़ा लेखक साल के 14000 रुपये मात्र ही कमा रहा है. वाणी को लिखित में दिया है कि किताब न छापें पर इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.” वाणी प्रकाशन से विनोद कुमार शुक्ल की ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी', ‘कविता की किताब' जैसी मशहूर किताबें और राजकमल से ‘नौकर की कमीज', ‘सबकुछ होना बचा रहेगा', ‘हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी' और ‘बौना पहाड़' जैसी पुस्तकें प्रकाशित हैं. मानव कौल की सोशल मीडिया पर आई पोस्ट के बाद खुद विनोद कुमार शुक्ल ने एक वीडियो जारी करके इस बारे में अपनी पीड़ा अपने पाठकों से साझा की. विनोद कुमार शुक्ल का कहना है कि वो कई बार पत्र के जरिए प्रकाशकों से आग्रह कर चुके हैं कि उनकी पुस्तकें अब न प्रकाशित की जाएं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता है. विनोद कुमार शुक्ल का कहना था, “मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था कि मैं ठगा जा रहा हूं. मेरी सबसे ज्यादा किताबें जो लोकप्रिय हैं वे राजकमल और वाणी से प्रकाशित हुई हैं. ‘नौकर की कमीज' और ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी' के समय तो ई-बुक और किंडल जैसी चीजें नहीं थीं, मगर ये दोनों किताबें किंडल पर हैं.” हालांकि इस बारे में जब डीडब्ल्यू ने राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक माहेश्वरी से बात की तो उन्होंने कहा कि रॉयल्टी का कोई विवाद नहीं है और इसका विवरण हर साल लेखकों को भेजा जाता है. उनका कहना था, “यदि कोई समस्या है भी तो बातचीत के जरिए उसे सुलझाया जा सकता है. मेरी शुक्ल जी के बेटे से इस बारे में बात भी हुई है.” विनोद कुमार शुक्ल के बेटे शाश्वत गोपाल ने डीडब्ल्यू से बातचीत में कहा कि मानव कौल ने सोशल मीडिया पोस्ट पर रॉयल्टी के बारे में जो बातें लिखी हैं, वो हमने ही बताई हैं.