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बस स्टैंड को अबोहर बाइपास मार्ग पर ले जाने का निर्णय वापस लेने की मांग

  • आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    वर्तमान में संचालित हनुमानगढ़ जंक्शन बस स्टैंड को यथावत रखने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बस स्टैंड को अबोहर बाइपास मार्ग पर ले जाने का निर्णय वापस लेने की मांग की गई। इस मौके पर पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल ने कहा कि हनुमानगढ़ जंक्शन बस स्टैंड वर्तमान में जहां स्थित है वह जगह उपयुक्त एवं आदर्श स्थल है। इसके पास ही ज्यादातर बाजार विकसित है। सब्जी मण्डी, आॅटो स्टैंड, मुख्य धार्मिक स्थल, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप, राजकीय एवं निजी चिकित्सालय, निजी एवं राजकीय शिक्षण संस्थाएं इत्यादि स्थित हैं। अगर हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित बस स्टैंड को अबोहर बाइपास पर स्थानांतरित किया जाता है तो हर बस चालक अपने वाहन को टाउन और जंक्शन दोनों शहरों के बाहर से ही ले जाना पसंद करेंगे। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्र का हर व्यक्ति परेशान होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी पीड़ित होगा। जंक्शन बाजार में आने वाले व्यक्ति को जब शहर से बाहर बस स्टैंड पर उतर कर बाजार आना होगा तो उसे हर हाल में लगभग सौ रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। इसका सीधा सा असर जंक्शन बाजार पर पड़ेगा। साथ ही आने वाला ग्रामीण परेशान होगा। इसी प्रकार से रेलवे स्टेशन, गुरुद्वारा, राजकीय एवं निजी चिकित्सालय, स्कूल, कॉलेज आदि में बाहर से आने वाले ग्रामीणों को पहुंचने के लिए भी सौ रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। इससे ग्रामीणों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। बीकानेर, जोधपुर, अहमदाबाद, रेलवे मार्ग एवं चण्डीगढ़, कालका, श्रीगंगानगर, पदमपुर, अनूपगढ़, श्रीकरणपुर, सूरतगढ़, पीलीबंगा आदि के रास्ते से आने-जाने वाली रेलगाड़ी और बस पकड़ने के लिए टाउन से आसानी से बीस रुपए में पहुंचने वाले नागरिकों को भी सौ रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। इससे टाउन क्षेत्र का भी हर नागरिक परेशान होगा। अतिरिक्त आर्थिक भार के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होगी। बस स्टैंड के पास स्थित बाजार पर इसका सबसे बड़ा प्रभाव पड़ेगा। वहां आसानी से पहुंचने वाला ग्रामीण इस व्यवस्था के चलते नहीं पहुंच पाएगा। इसका सीधा असर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास के बाजार पर सीधे तौर पर होगा। साथ ही शहर के बाहर बस स्टैंड होने पर लूटपाट की घटना बढ़ने, महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ना स्वभाविक है। बस स्टैंड पर वर्षांे से अपना छोटा-मोटा व्यवसाय करने वाले सैकड़ों परिवार एवं रेहड़ियों पर फल-सब्जी आदि बेचने वाले सैकड़ों वैंडर्स इस फैसले से अपनी रोजी-रोटी से महरूम हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बस स्टैंड को हटवाने के पीछे नगर परिषद के अधिकारियों के साथ भू-माफियों का गठजोड़ है। इसका सारा खेल पर्दे के पीछे चल रहा है। जहां तक मास्टर प्लान का सवाल है तो नगर परिषद खुद ही मास्टर प्लान को अपनी सुविधा के अनुसार बदलती रहती है। यातायात के दबाव का मुख्य कारण बस स्टैंड के सामने से गुजरने वाला हाइवे है जिस पर लोक परिवहन बस, आॅटो एवं निजी वाहनों को अव्यवस्थित रूप से खड़ा करने पर भीड़भाड़ होती है। इसे आसानी सुधारा जा सकता है। यातायात के दबाव एवं सघन आबादी का बहाना बना कर बस स्टैंड को हटाया जाना न्यायोचित नहीं है। बेनीवाल ने कहा कि नगर परिषद प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन को अंधेरे में रख कर बस स्टैंड को हटाने का जो कृत्य किया जा रहा है इसको शहर का कोई नागरिक सहन नहीं करेगा। यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया जाता है तो आने वाले समय में किसी बड़े जन आंदोलन से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि जनहित को देखते हुए जंक्शन बस स्टैंड को स्थानांतरित कर अबोहर बाइपास पर ले जाने के निर्णय को तुरंत प्रभाव से प्रशासन वापस ले। जंक्शन बस स्टैंड को यथावत ही रखा जाए। इस मौके पर अशोक कुमार, सुभाष पारीक, राजकुमार, गोपालराम, मदनलाल, रामप्रीत, हरीश कुमार, जगजीत सिंह, बनवारीलाल, कमल, राजकिशोर, हरपाल सिंह, मनीष कुमार, करनैल सिंह आदि मौजूद थे।