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बीज-पेस्टीसाइड का नकली होना कर रहा कोढ़ में खाज का काम

  • आम आदमी पार्टी ने की नकली बीज-कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    नकली बीज-कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने व किसानों को फसल का उचित मुआवजा दिलवाने की मांग आम आदमी पार्टी ने उठाई है। गुरुवार को आप कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल ने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ जिले में नकली बीज-कीटनाशक की बिक्री बेरोकटोक जारी है। जिले में कृषि विभाग के जिन अधिकारियों पर इसकी रोकथाम की जिम्मेवारी है उन अधिकारियों की सांठगांठ से ये सब चल रहा है। मोटी तनख्वाह के साथ-साथ मोटी रिश्वत के लालच में इन अधिकारियों को कहीं भी कोई गड़बड़ दिखाई नहीं देती है। इनकी ओर से कभी भी कोई औचक निरीक्षण नहीं किया जाता जिससे मिलावट के इस खेल को पकड़ा जा सके। जब भी किसी दुकान का निरीक्षण किया जाता है तो उसे पूर्व में सूचना दे दी जाती है कि नकली बीज-कीटनाशक वहां से हटा दिए जाएं। इन दुकानों के संचालन के लिए लाइसेंस जारी करने के बदले 15 से 30 हजार रुपए तक की रिश्वत ली जाती है। मंथली अलग से ली जाती है। जब कभी किसी किसान की फसल खराब होती है और किसान इसकी शिकायत लेकर इनके पास जाता है तो उस किसान को इनके प्रभाव का रौब दिखा कर उसे वहां से मायूस लौटने पर मजबूर कर दिया जाता है। नकली बीज-कीटनाशक का गोरखधंधा करने वाले लोग ब्रांडेड कम्पनियों की हूबहू नकल कर नकली दवाओं-बीजों की पैकिंग खुद कर इन्हें असली बता कर बेचते हैं। इससे इन्हें मोटा मुनाफा होता है। हजारों रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बीज एवं 10 से 15 हजार रुपए प्रति लीटर की दर की कीटनाशक दवाओं का उपयोग किसानों को मजबूरी में करना पड़ता है। इतने महंगे बीज व कीटनाशकों को खरीद पाना किसानों के लिए पहले से ही परेशानी का सबब है। ऐसे में बीज एवं पेस्टीसाइड का नकली होना कोढ़ में खाज का काम करता है। बेनीवाल ने बताया कि अभी हाल ही में 16 एमडी के दो किसानों की नरमा की फसल नकली कीटनाशक के उपयोग के कारण खराब हो गई। इस सम्बन्ध में जब इन किसानों ने सम्बन्धित अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो किसान विकास पुत्र जगदीश मेघवाल को यह कहा गया कि आप दुकानदार से ही बात करें, वे कुछ नहीं कर सकते। जबकि नियमानुसार शिकायत करने पर किसान की फसल का निरीक्षण कर कार्यवाही किया जाना वांच्छित था। इसी प्रकार किसान पूर्णराम भाट की शिकायत पर जांच कर कहा गया कि आप पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज करवा दो। जबकि नियमानुसार विभाग को जिन दुकानदारों ने नकली पेस्टीसाइड बेची है उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही कर उसकी दुकान को सील किया जाना था और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिए विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई जानी थी परन्तु ऐसा नहीं किया गया। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि चूंकि विभाग से जुड़े अधिकारी इन दुकानदारों से अवैध रूप से मंथली वसूलते हैं। इस तरीके के कई प्रकरण सामने आ चुके हैं और अनेक ऐसे प्रकरण हैं जो किसानों पर दबाव के कारण उजागर नहीं हो पाते और यह सिलसिला चलता रहता है। उन्होंने मांग की कि इन किसानों को फसल का समुचित मुआवजा दिलवाया जाए। साथ ही नकली बीज-कीटनाशक के इस गोरखधंधे में शामिल दुकानदारों एवं इनसे मिलीभगत रखने वाले कृषि विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए ताकि किसानों के साथ भविष्य में किसी प्रकार का छलावा न हो। इस मौके पर राजसिंह, महावीर, कालूराम, सोमदत्त, पप्पूराम, बनवारी लाल, शुभकरण शर्मा, हनुमान, साहबराम, प्रमोद, गोपालराम, भानी मेघवाल, अशोक, लीलाधर, हरीराम, पूर्णराम आदि मौजूद थे।