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भारतीय टीम का हिस्सा रहे अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी अजीतसिंह सेखों का स्वागत

  • संगरिया विधायक सहित जनप्रतिनिधियों व गणमान्य नागरिकों ने किया स्वागत
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    बहरीन में आयोजित 21वीं अंडर 20 एशियन चैम्पियनशिप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे वॉलीबॉल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अजीतसिंह सेखों का शुक्रवार को हनुमानगढ़ पहुंचने पर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया गया। हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी तहसील के गांव सिलवाला खुर्द निवासी अजीतसिंह सेखों पुत्र गुरचरण सिंह सेखों का रेलवे स्टेशन पहुंचने पर संगरिया विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी, बाबूलाल जुनेजा, गुरमीत सिंह, पीआरओ सुरेश बिश्नोई सहित अन्य गणमान्य नागरिकों व खेलप्रेमियों ने माला पहनाकर स्वागत किया। अजीत सेखों के कोच बसंतसिंह मान का भी स्वागत किया गया। गौरतलब है कि 21वीं अंडर 20 एशियन चैम्पियनशिप में भारत ने सिल्वर मेडल जीता था। यह चैम्पियनशिप बहरीन में 22 अगस्त से 29 अगस्त तक हुई थी। इस चैम्पियनशिप में भारत की टीम ने पहली बार सिल्वर मेडल हासिल किया। सिलवाला खुर्द के खिलाड़ी अजीत सेखों भी भारत की टीम में शामिल थे। सेखों खेलने वाले 6 खिलाड़ियों में भी शामिल थे। इस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर जिले का मान बढ़ाने वाले वॉलीबॉल कोच बसंत सिंह मान के शिष्य अजीत सेखों के स्वागत के दौरान संगरिया विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी ने अजीत सेखों के साथ सिल्वर मेडल हासिल करने पूरी भारतीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सब कोच बसंतसिंह मान की ही मेहनत का नतीजा है कि गांव सिलवाला खुर्द के खिलाड़ी अंतरराष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर हनुमानगढ़ का नाम विश्व स्तर पर रोशन कर रहे हैं। कोच बसंतसिंह मान ने कहा कि बड़ी खुशी की बात है कि 21वीं अंडर 20 एशियन चैम्पियनशिप में भारत की टीम ने 20 सालों बाद सिल्वर मेडल जीता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर भारत की टीम दूसरे स्थान पर रही। मान ने कहा कि जिला प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी खेलों को बढ़ावा देने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि राजस्थान सरकार की ओर से शुरू किए गए राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल में हनुमानगढ़ के खिलाड़ी वॉलीबॉल में अवश्य पदक जीतेंगे। इसके पीछे का कारण लगातार अभ्यास है। क्योंकि हनुमानगढ़ के वॉलीबॉल खिलाड़ी लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं। मान ने उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले दिनों आॅल इंडिया ओपन टूर्नामेंट हुआ था। उसमें हनुमानगढ़ की वॉलीबॉल खिलाड़ियों ने परचम लहराया। हर कोई हनुमानगढ़ के वॉलीबॉल खिलाड़ियों का अनुशासन व खेलने का तरीका देखकर हैरान रह गया। कोच मान ने कहा कि अकेला व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता। आज सभी के सहयोग से सिलवाला खुर्द की अलग पहचान बनी है। इस गांव के खिलाड़ी भारतीय टीम के कप्तान बन रहे हैं जो अपने आप में बड़ी बात है। वहीं खिलाड़ी अजीतसिंह सेखों ने कहा कि वे अपने कोच बसंतसिंह मान की बदौलत ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं। सेखों ने बताया कि चैम्पियनशिप से पहले तीन माह का कैम्प हुआ। उसके बाद सीनियर इंडिया की टीम थाइलैंड गई। वहां 7 से 11 अगस्त तक हुई 14वीं एशियन चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया लेकिन विशेष सफलता हाथ नहीं लगी। लेकिन वहां खेलकर अनुभव मिला। दोबारा कैम्प हुआ। इसके बाद बहरीन में आयोजित 21वीं अंडर 20 एशियन चैम्पियनशिप में भारत टीम के पूल में ईरान, जापान सहित कई मजबूत टीमें शामिल थीं। इस चैम्पियनशिप में भारत की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। गौरतलब है कि मूलत: नोहर के गांव जसाना निवासी अजीत सेखों वर्तमान में फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है और छठी कक्षा से ही सिलवाला खुर्द में कोच बसंत सिंह मान से निशुल्क ट्रेनिंग ले रहा था। वह यहां अपनी मौसी की बेटी के घर पर रहता था। सेखों के पिता गुरचरण सिंह किसान हैं और सिलवाला खुर्द में रहने वाले जीजा रणजीत सिंह व बहन पिंदर भी खेती करते हैं।