इंफाल
मणिपुर में महिलाओं की निर्वस्त्र परेड कराए जाने के केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि 3 मई को हिंसा शुरू होने के बाद अब तक कितनी FIR दर्ज की गई हैं।
अदालत ने कहा कि यह इकलौती घटना नहीं है। दूसरी महिलाओं के साथ भी ऐसा हुआ। हमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे गंभीर मसले के लिए एक मैकेनिज्म बनाना होगा। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को भी इस मामले की सुनवाई करेगा।
दो पीड़ित महिलाओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस मामले की CBI जांच का विरोध किया। कुकी समुदाय की ओर से वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्वेज ने कहा कि इस मामले की जांच SIT करे। इसमें रिडायर्ड डीजीपी को शामिल किया जाए।
सभी पीड़ित महिलाओं की ओर से वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच एक हाई पावर कमेटी करे। इनमें ऐसे केस देखने वाली महिलाओं को शामिल किया जाए।
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच सुनवाई कर रही है। पिटीशन में पीड़ित महिलाओं की पहचान जाहिर नहीं की गई है। उन्हें X और Y नाम से संबोधित किया गया है।