Sunday, May 3निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

राजस्थान में 14 मार्च से फिर बारिश-ओलों का अलर्ट:मौसम विभाग की भविष्यवाणी हुई फेल; तेज गर्मी का अलर्ट था, बारिश ने धोया

जयपुर. राजस्थान में इस बार मार्च के शुरुआती दिनों में तेज गर्मी की मौसम विभाग की चेतावनी गलत साबित हुई है। दरअसल, फरवरी के आखिरी दिन मौसम केंद्र ने मार्च से मई का फोरकास्ट जारी किया था। इसमें मार्च के पहले सप्ताह में तापमान सामान्य से ऊपर रहने और तेज गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई थी।

पिछले 3-4 दिनों से प्रदेश में बारिश और ओले गिरने से तापमान कंट्रोल रहा। वहीं, अब 14 मार्च से 6 जिलों में एक बार फिर बारिश की संभावना है।

जयपुर में स्थिति देखें तो मार्च में औसत तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के करीब रहता है। पिछले दो दिन जयपुर में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे है। यह सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। जयपुर में 15 फरवरी के बाद से तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर ही दर्ज हो रहा था, जो 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

इसी तरह कोटा, बाड़मेर, जैसलमेर, फलौदी में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मार्च में अब तक तापमान इतना ऊपर नहीं गया है, जितना फरवरी में पहुंच गया था।

राजस्थान के दस जिलों में बारिश-ओलावृष्टि हुई है। इससे किसानों को खासा नुकसान पहुंचा है।

राजस्थान के दस जिलों में बारिश-ओलावृष्टि हुई है। इससे किसानों को खासा नुकसान पहुंचा है।

आज से बढ़ने लगेगा तापमान
लगातार 3-4 दिन थंडरस्ट्राम एक्टिविटी (बादल, बारिश, ओलावृष्टि) होने से राज्य के कई शहरों में तापमान सामान्य के आसपास पहुंच गया है। इससे गर्मी कंट्रोल रही है। अब शुक्रवार से मौसम साफ होने लगा है। कई शहरों में दिन का तापमान अगले 2-3 दिन में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएंगे।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 15 मार्च के बाद राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र के जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर तक चला जाता है। जबकि जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के जिलों में तापमान 35 से लेकर 39 डिग्री सेल्सियस के बीच आ जाता है। इस बार ऐसा मुश्किल ही देखने को मिलेगा। क्योंकि राजस्थान में 14 मार्च से एक बार फिर बारिश शुरू होगी। इससे तापमान फिर से कंट्रोल होने लगेगा।

झालावाड़ के आवर में अफीम की फसल को ओलों और बारिश से बचाने का जुगाड़ किया गया। ऊपर नेट लगाई, पौधों को डिस्पोजल से ढंका। हवाएं चलने, बारिश और ओलों से अफीम की फसल पूरी तरह से खराब हो जाती है।

झालावाड़ के आवर में अफीम की फसल को ओलों और बारिश से बचाने का जुगाड़ किया गया। ऊपर नेट लगाई, पौधों को डिस्पोजल से ढंका। हवाएं चलने, बारिश और ओलों से अफीम की फसल पूरी तरह से खराब हो जाती है।

7 दिन 6 जिलों में बारिश की संभावना

14 मार्च से जो सिस्टम बनेगा, उसका असर 20 मार्च तक बने रहने की संभावना है। ये सिस्टम भी काफी स्ट्रॉन्ग होगा। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर क्षेत्र में अच्छी बारिश और कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं।

भरतपुर के बयाना उपखंड के डांग इलाके में गुरुवार दोपहर मौसम ने अचानक पलटी खाई। 10 मिनट तक ओले गिरे। इससे फसलों को हुआ नुकसान।

भरतपुर के बयाना उपखंड के डांग इलाके में गुरुवार दोपहर मौसम ने अचानक पलटी खाई। 10 मिनट तक ओले गिरे। इससे फसलों को हुआ नुकसान।