राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के दिल्ली दौरे के बाद भाजपा ने मिशन 2023 की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा कल राजस्थान के दौरे पर रहेंगे। जेपी नड्डा 2 अप्रैल को सवाईमाधोपुर जिले में एसटी मोर्चे के सम्मेलन में शामिल होंगे। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का पूर्वी राजस्थान पर फोकस है। क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्वी राजस्थान की 39 सीटों में से 4 सीटों पर ही जीत मिलीं थीं। सीएम गहलोत बार-बार पूर्वी राजस्थान की जीवनदायनी ईस्टर्न कैनाल परियोजना पर कोई काम शुरू नहीं होने पर भाजपा पर हमलावर है। माना जा रहा है कि जेपी नड्डा कांग्रेस के इस पैतरें का कोई तोड़ लेकर आएंगे।
विधानसभा चुनाव में भाजपा 4 सीटों पर सिमट गई
पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, टोंक, सवाईमाधोपुर और दौसा जिलें में विधासनभा सीटें है। 2013 में भाजपा ने सबसे ज्यादा 28 सीटें जीतीं थीं। कांग्रेस को 7, किरोड़ी लाल मीणा की एनपीपी को 3 और एक सीट बहुजन समाज पार्टी को मिली थी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा 4 सीटों पर ही सिमटकर रह गई थी। कांग्रेस को 25, बहुजन समाज पार्टी को 5, निर्दलयों को 4 और एक सीट पर आरएलडी के सुभाष गर्ग ने जीत हासिल की थी। सीएम गहलोत ने बसपा का विलय कांग्रेस में करा दिया। जबकि निर्दलीयों और आरएलडी का समर्थन भी कांग्रेस को मिला हुआ है। गहलोत की रणनीति से पूर्वी राजस्थान में भाजपा पिछड़ी हुई है। सवाईमाधोपुर जिला भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा का गढ़ माना जाता है। लेकिन पिछले चुनाव में भाजपा का खाता भी नहीं खुला था। 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 4 सीटें जीतीं थीं।इसलिए भाजपा ने 3 महीने पहले भरतपुर में सम्मेलन आयोजित किया था। अब 2 अप्रैल को सवाईमाधोपुर में करने जा रही है।