गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने लगाई छबील हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। जून के माह की भीषण गर्मी में सबको बेहाल कर रखा है। सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना राहगीरों को करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में सफर करने से सबसे ज्यादा मनुष्य को पानी की आवश्यकता होती है। गुरु अर्जनदेव जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य मेंं रविवार को जंक्शन में अम्बेडकर चौक के नजदीक गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह जी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की ओर से मीठे पानी की छबील लगाई गई। छबील पर सैकड़ों लोगों ने ठंडा-मीठा पानी पीकर प्यास बुझाई। सेवादारों ने राहगीरों को मान-मनुहार कर मीठा पानी पिलाकर भीषण गर्मी से राहत दिलाई। इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान जरनैल सिंह व सुरेन्द्र अरोड़ा ने कहा कि गुरु अर्जन देवी जी को सिखों का सरताज कहा जाता है। 30 मई 1606 ईस्वी को गुरु अर्जन देव जी की बढ़ती लोकप्रियता व प्रचार से सिखों के खालसा पंथ का तेजी से विस्तार मुगल शासक जहांगीर सहन न कर सका। इसके कारण उसने भीषण गर्मी के दौरान याशा व सियासत कानून के तहत गुरु अर्जन देव जी को लोहे के गर्म तवे पर बैठाकर शहीद करने का हुक्म सुनाया। इसके बाद गुरु अर्जन देव जी को इस भीषण गर्मी में तपते तवे पर बैठाकर उनके शीश पर गर्म रेत डाली गई। इस कारण उनका पूरा शरीर जल गया। उसके बाद गुरु अर्जन देव जी को ठंडे पानी वाली रावी दरिया में नहाने के लिए भेजा गया जहां गुरु अर्जन देव जी का पावन शरीर रावी में आलोक हो गया। जहां गुरु अर्जन देव जी ज्योति ज्योत समाए, उसी स्थान पर लाहौर में रावी नदी के किनारे गुरुद्वारा डेरा साहेब का निर्माण कराया गया, जो अब पाकिस्तान में है। छबील में भोलासिंह, योगेंद्र सिंह, राजेंद्रसिंह, गुरुदेव सिंह, बलदेव सिंह, सुखमन्द्र सिंह, खुशविन्द्र सिंह सहित अन्य सेवादारों ने सेवाएं दी।