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समझौते के बाद भी नहीं सुलझ रहा आरक्षण का मुद्दा, MLA को देवनारायण बोर्ड का अध्यक्ष बनाने से बढ़ा विवाद

जयपुर

राजस्थान में गुर्जर आऱक्षण को लेकर गहलोत सरकार की तरफ कई समझौते किए जा चुके हैं। इसके बाद भी गुर्जर आरक्षण का मुद्दा नहीं सुलझ रहा है। ताजा विवाद देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष पद राजनीतिक नियुक्ति को लेकर हो गया है। राज्य सरकार ने विधायक जोगिंद्रर सिंह अवाना को बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है। सीएम गहलोत के इस निर्णय का गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने विरोध करते हुए कहा कि सरकार ने वादाखिलाफी की है। समझौता को पालन नहीं किया है। राजनीतिक व्यक्ति को बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया।

गहलोत सरकर के साथ 2020 में हुआ था समझौता

हिम्मत सिंह गुर्जर ने ट्वीट कर कहा- गुर्जर आरक्षण के लिए प्रदेश के 73 युवाओं की जानें चली गई थी। मुकदमें चलें। तब जाकर आरक्षण मिला। विडंबना देखिए 15 साल में देवनारायण बोर्ड को दो चैयरमेन मिले वो भी अन्य प्रदेशों से।  हिम्मत सिंह गुर्जर ने गहलोत सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। गहलोत सरकार 31 अक्टूबर 2020 में हुए गुर्जरों के साथ हुए समझौते की पालना नहीं कर रही है।