नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अगले साल मार्च-अप्रैल और मई में मतदान हो सकते हैं। बीजेपी को जहां लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनने की उम्मीद है, तो विपक्ष के 26 दलों ने साथ आते हुए ‘इंडिया’ नामक गठबंधन बनाया है। इस अलायंस में कांग्रेस, जेडीयू, टीएमसी, आरजेडी समेत तमाम ऐसे विपक्षी दल शामिल हैं, जो विभिन्न राज्यों में सरकार चला रहे हैं। इन दलों को उम्मीद है कि एक साथ आकर वे मोदी सरकार को हराने में कामयाब हो सकेंगे। हालांकि, इन तमाम कोशिशों के बाद भी बीजेपी सरकार का रथ रुकता हुआ नहीं दिख रहा है। सबसे ताजा ओपिनियन पोल में सामने आया है कि वोट शेयर के हिसाब से भले ही इंडिया अलायंस एनडीए को तगड़ी टक्कर दे रहा है, लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव में उसे हरा सके, ऐसा फिलहाल होने की उम्मीद नहीं है।
क्या कहता है लोकसभा चुनाव का ओपिनियन पोल?
‘टाइम्स नाउ नवभारत और ईटीजी’ द्वारा ओपिनियन पोल किया गया है, जिसमें जून से लेकर संसद के मॉनसून सत्र के खत्म होने के बाद तक जनता से उनकी राय ली गई है। एक लाख 10 हजार से ज्यादा लोगों ने फोन के जरिए और आमने-सामने अपनी राय रखी। इस सर्वे में इंडिया अलायंस और एनडीए के बीच महज दो फीसदी वोट का अंतर दिख रहा है। एनडीए गठबंधन को कुल 42.60 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि इंडिया अलायंस को 40.20 फीसदी वोट । इसके अलावा, वाईआरसीपी को 2.67 फीसदी, बीजेडी को 1.75 फीसदी, बीआरएस को 1.15 फीसदी और अन्य को 11.63 फीसदी वोट मिल सकता है। हालांकि, एनडीए और इंडिया के वोट शेयर में भले ही दो फीसदी वोटों का अंतर हो, लेकिन सीटों के हिसाब से देखें तो विपक्ष को बड़ा झटका लग रहा है। मोदी सरकार आसानी से तीसरी बार सत्ता में वापसी करती दिख रही है।
बीजेपी-कांग्रेस को कितनी सीटों का अनुमान ? सर्वे में एनडीए अलायंस एक बार फिर से बहुमत के काफी आगे है। सर्वे में एनडीए को 296-326 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा, इंडिया अलायंस के पास महज 160-190 सीटें जा सकती हैं। बीजेपी को 288-314 सीटें, कांग्रेस को 62 80 सीटें, वाईआरसीपी को 24-25 सीटें, डीएमके को 20-24 सीटों पर जीत मिल सकती है। इसके अलावा, टीएमसी को 22-24 सीटें, बीजेडी को 12- 14 सीटें, बीआरएस को 9-11, आम आदमी पार्टी को पांच से सात और अन्य को 70-80 सीटें आ सकती हैं। इस हिसाब से बीजेपी अकेले दम पर ही लगातार तीसरी बार सरकार बनाती दिख रही है। सर्वे के अनुसार ही रिजल्ट रहे तो मोदी सरकार की लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता में वापसी हो सकती है। पिछले बार की तुलना में कांग्रेस की भले ही कुछ सीटें बढ़ती दिख रही हों, लेकिन सरकार बनाने की स्थिति से बहुत ही ज्यादा दूर है।