फतेहपुर (सीकर). 12वीं की स्टूडेंट से गैंगरेप कर हत्या का मामला सामने आया है। अपनी करतूत को छुपाने के लिए 3 नाबालिग लड़कों ने इसे सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की। लड़की को सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां तक कि उसके घरवालों को भी फोन कर सड़क हादसे की जानकारी दी। परिजन पहुंचे तो उसका शव मिला।
सामने आया है कि आरोपी नाबालिग लड़कों का पीड़ित लड़की की सहेली ने भी साथ दिया था। मामला सीकर के फतेहपुर स्थित रामगढ़ का है। वारदात के विरोध में परिवार वालों व ग्रामीणों ने मिलकर शुक्रवार को कुछ देर के लिए बीकानेर-जयपुर हाईवे भी जाम किया था। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हरिराम रणवां और लक्ष्मणगढ़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष दिनेश जोशी धरना स्थल पर आए और कुछ देर बाद वापस लौट गए।
पोस्टमॉर्टम नहीं करने दिया
लड़की अपने ननिहाल लक्ष्मणगढ़ में रहकर 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। लड़की का पिता सऊदी अरब में लेबर का काम करता है। उसके चाचा ने 11 मई की रात को अपनी भतीजी की सहेली और 3 लड़कों के खिलाफ रेप कर हत्या करने का मामला दर्ज करवाया था। परिवार वाले और ग्रामीण शुक्रवार सुबह लक्ष्मणगढ़ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। मांग थी कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। तब ही पोस्टमॉर्टम करने दिया जाएगा। आक्रोशित लोगों ने लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा और लक्ष्मणगढ़ के नगर पालिका अध्यक्ष मुस्तफा कुरैशी के खिलाफ भी नारेबाजी की। ऊरढ श्रवण कुमार जोरहड ने परिवार वालों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
राजनीतिक रसूख वाले आरोपियों के दबाव में पुलिस
लड़की के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि आरोपी लड़के राजनीतिक पहुंच रखते हैं। इसलिए मामला सामने आने के बाद पुलिस दबाव में आ गई। लड़की के चाचा ने बताया कि गुरुवार शाम 7 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने पहुंचे थे, लेकिन हमारी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस दौरान आरोपियों के परिवार वाले थाने के अंदर बैठे रहे और हमें बाहर ही रोक दिया गया। समाज के कई लोग मौके पर जुटे तो रात 10 बजे रिपोर्ट दर्ज की गई।