जयपुर
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ की ओर से लंबित मांगों को लेकर 10 सितंबर को प्रदेशभर के बेरोजगार विधानसभा का घेराव करेंगे। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार से लिखित समझौता हुआ था। सरकार के मंत्रियों ने ही बेरोजगारों की मांग को जल्द से जल्द पूरा करने का वादा किया था, लेकिन अब तक सरकार ने इनकी मांग पूरी नहीं की है। अब प्रदेशभर के परेशान बेरोजगार अब सरकार के खिलाफ फिर से आंदोलन करेंगे।
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के उपेन यादव ने बताया कि सरकार पिछले लंबे समय से लंबित भर्ती प्रक्रिया को पूरा नहीं कर रही है। इसकी वजह से हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। पिछले लंबे समय से नई भर्ती प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है, जो राजस्थान के शिक्षित युवाओं के लिए परेशानी का कारण बन गई है, लेकिन सरकार में बैठे लोग सिर्फ बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ये प्रदेश का बेरोजगार युवा अब बर्दाश्त नहीं करेगा।
पेपर लीक होना छात्रों की परेशानी बना
उपेन ने कहा कि पिछले लंबे समय से राजस्थान में पेपर लीक प्रकरण आम छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। ऐसे में सरकार को सख्त कानून बनाना चाहिए। इसके तहत जो भी व्यक्ति पेपर लीक करता है या फर्जी डिग्री का उपयोग करता है, उसे 10 साल की जेल और उसकी संपत्ति जब्त होनी चाहिए। साथ ही राजस्थान में सरकारी नौकरी के दौरान इंटरव्यू प्रक्रिया भी समाप्त होनी चाहिए। ताकि आम छात्र को योग्यता के आधार पर मौका मिल सके।
बता दें कि शुक्रवार को राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारों के लिए बनाई गई कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के पदाधिकारियों की कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला से बातचीत भी हुई, लेकिन देर शाम महासंघ के पदाधिकारियों ने बैठक कर सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इसके तहत प्रदेशभर के बेरोजगार 10 सितंबर को विधानसभा का घेराव करेंगे।