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कपड़ा उद्योग के लिए अच्छी खबर:प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव (PLI) स्कीम को जल्द मिल सकती है मंजूरी, 5 साल में 100 अरब का एक्सपोर्ट टारगेट बनाने पर सरकार का जोर

नई दिल्ली

कपड़ा उद्योग को जल्द कुछ अच्छी खबरें मिल सकती है। सरकार कपड़ा निर्यातकों का बकाया इनसेंटिव क्लीयर कर सकती है। टेक्निकल टेक्सटाइल और मैनमेड फाइबर सेगमेंट के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव (PLI) स्कीम को जल्द कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। ये बातें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, कपड़ा, उपभोक्ता मामलों और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में कही हैं।

कपड़े का निर्यात पांच साल में तीन गुना करने पर जोर

गोयल ने कपड़े के निर्यात को पांच साल में तिगुना करने पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी 33 अरब का कपड़ा निर्यात हो रहा है, जिसे 100 अरब डॉलर तक बढ़ाया जा सकता है। गोयल ने कपड़ा उद्योग के दिग्गजों के एक कार्यक्रम में इस वित्त वर्ष के लिए 44 अरब डॉलर के टेक्सटाइल (हैंडीक्राफ्ट सहित) का एक्सपोर्ट टारगेट हासिल करने पर जोर दिया।

डिजाइन और प्रॉडक्ट को दुनिया के लिए मानक बनाना होगा

उन्होंने कहा, ‘कपड़ा निर्यातक दुनिया में भारत के दूत हैं। हमें अपने डिजाइन और प्रॉडक्ट को गोल्ड स्टैंडर्ड बनाने की जरूरत है। उससे हम ग्लोबल मार्केट में ज्यादा शेयर हासिल कर सकेंगे।’ उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार पैदा करता है। इससे घर-घर, गांव-गांव के लोग जुड़ सकते हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में इससे बेहतर कोई सेक्टर नहीं है।

मंजूरी प्रक्रिया के एडवांस स्टेज में सात मित्र पार्क की योजना

गोयल ने बताया कि मेगा इनवेस्टमेंट टेक्सटाइल्स पार्क (मित्र पार्क) योजना मंजूरी प्रक्रिया के एडवांस स्टेज में है। सरकार ने तीन साल में ऐसे सात पार्क तैयार करने की योजना बनाई है। इसका ऐलान इसी वित्त वर्ष के बजट में किया गया था। गोयल ने कहा कि सरकार कपड़ा उद्योग की जरूरतों पर विचार करने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि जो उद्योग ग्रोथ के लिए सब्सिडी पर निर्भर नहीं रहते, उनकी ग्रोथ ज्यादा होती है।

ब्रिटेन, EU, UAE, ऑस्ट्रेलिया के साथ FTA/PTA की बातचीत

उन्होंने कहा कि कपड़ा निर्यात को अपने पैरों पर खड़ा होने और वजूद बनाए रखने की जरूरत है। घरेलू कपड़ा उद्योग में आत्मनिर्भर बनने के सभी गुण हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियन (EU), संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ मुक्त व्यापार संधि/तरजीही व्यापार संधि (FTA/PTA) की बात चल रही है। इससे घरेलू कपड़ा उद्योग को ग्लोबल मार्केट में कस्टमर का टिकाऊ बेस बनाने में मदद मिलेगी।

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