जयपुर
प्रदेश में नए रिकॉर्ड के साथ आज से विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई है। पहली बार बजट सत्र को ही 5 महीने से भी ज्यादा जारी रखते हुए विधानसभा सदन की बैठक बुलाई गई है। दिल्ली की तर्ज पर राज्यपाल को बायपास करके बिना सत्रावसान किए ही विधानसभा सत्र की बैठक बुलाने पर बीजेपी पहले भी सवाल उठा चुकी है। विधानसभा के रिकॉर्ड में हाल के वर्षों में , पहली बार हो रहा है जब बजट सत्र को ही करीब छह माह जारी रखा गया हो।
विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही को 19 मार्च को स्थगित किया था। अब तक 173 दिन आज सदन की बैठक बुलाई गई है, लेकिन अभी सदन का सत्र छठवां ही है। आम तौर पर विधानसभा के किसी भी सत्र की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बाद महीने-दो महीने बाद सत्रावसान के लिए फाइल राजभवन को भेज दी जाती है। फिर राज्यपाल विधानसभा का सत्रावसान करने के आदेश देते हैं। इस बार बजट सत्र के पांच महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने सत्रावसान की फाइल को राजभवन नहीं भेजा और बजट सत्र को ही जारी रखा।
पायलट कैंप की बगावत के बाद से सरकार ने अपनाया नया पैटर्न
पायलट कैंप की बगावत के समय पिछली साल जुलाई में सरकार 31 जुलाई 2020 तक विधानसभा सत्र बुलाना चाहती थी। राज्यपाल ने 21 दिन का नोटिस देने या अचानक सत्र बुलाने के पीछे कारण बताने करो कहकर मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इस पर खूब विवाद हुआ, मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस विधायकों ने राजभवन में धरना दिया, नारेबाजी की। बाद में विवाद सुलझा, 14 अगस्त 2020 से राज्यपाल ने विधानसभा की बैठक बुलाने की मंजूरी दी। इस घटना के बाद सरकार ने विधानसभा सत्र बुलाने के मामले में राज्यपाल को बायपास करने का पैटर्न अपना लिया। पिछले साल 21 अगस्त को कार्यवाही स्थगित करने के बाद भी सत्रावसान नहीं किया था। फिर 31 अक्टूबर को तीन कृषि बिल पास करने के लिए दो दिन विधानसभा की बैठक रखी गई थी।
बीजेपी के बहुत से विधायक सवाल नहीं पूछ सकेंगे
विधानसभा के बजट सत्र में हर विधायक का 100 सवाल लगाने का कोटा होता है। बजट सत्र में विपक्ष के विधायकों ने अपना कोटा पूरा कर लिया। बजट सत्र को ही अब तक जारी रखा है, इसलिए बीजेपी के ज्यादातर विधायक सवाल नहीं लगा सकते, इस वजह से बहुत से विधायक सवाल पूछने से वंचित रह जाएंगे। अगर बजट सत्र का सत्रावसान करके फिर विधानसभा की बैठक बुलाते तो यह सातवां सत्र गिना जाता। विधायकों को सवालों का नया कोटा मिल जाता।
विपक्ष रहेगा आक्रामक
गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के बाद आधे घंटे के भीतर ही स्थगित कर दी गई। चार विधेयक सदन में रखे गए। इसके बाद 25 दिवंगत नेताओं और आकाशीय बिजली से मरने वालों को सदन में श्रद्धांजलि दी गई और इसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। बीजेपी अब सोमवार से आक्रामक रुख अपनाएगी।