नई दिल्ली
कोरोना की दूसरी लहर के बाद से ही देश में नियुक्तियों में तेजी देखने को मिल रही है। हाल के महीनों में सीनियर लेवल और अनुभवी लोगों की भर्ती करने के बाद अब भारतीय कंपनियां फ्रेशर्स (प्रशिक्षुओं) की भर्ती की तैयारी में जुट गई हैं। रिक्रूटमेंट एजेंसियों से मिले डेटा से यह जानकारी सामने आई है
64% कंपनियां अपनी वर्कफोर्स में बढ़ाना चाहती हैं फ्रेशर्स की संख्या
टीम लीज स्किल्स यूनिवर्सिटी के आउटलुक सर्वे के मुताबिक, जुलाई से दिसंबर छमाही के दौरान देश के लगभग 45% नियोक्ता (कंपनी) फ्रेशर्स या एप्रेंटिस की भर्ती करना चाहते हैं। लगभग 64% नियोक्ता अपनी वर्कफोर्स में फ्रेशर्स की संख्या बढ़ाना चाहते हैं।
छोटे कारोबारों में भर्ती का इरादा पहली छमाही के 8% की तुलना में दूसरी छमाही में बढ़कर 23% हो गया है। वहीं मध्यम कारोबारों में यह इरादा 37 की तुलना में 42% हो गया है। बड़े कारोबारों में भर्ती का इरादा पहली छमाही के 50% की तुलना में बढ़कर 61% हो गया है। महिलाओं को भर्ती करने का इरादा जो जुलाई-दिसंबर 2020 में 23% था वो जुलाई-दिसंबर 2021 में बढ़कर 32% हो गया है।
आईटी में डिजिटल स्किल की डिमांड बढ़ी- क्वैस
बिजनेस सॉल्यूशन प्रोवाइडर क्वैस के ताजा सर्वे के मुताबिक आईटी सेक्टर में फुल स्टैक, रिएक्ट जेएस, एंड्रॉयड, एंग्युलर जेएस,क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी जैसे डिजिटल स्किल की डिमांड तिमाही आधार पर 300% तक बढ़ी है।
45% नियोक्ता इस छमाही में करेंगे भर्तियां
कोविड के बावजूद यह साल फ्रेशर्स के लिए अच्छा है। दूसरी छमाही में 45% नियोक्ता फ्रेशर्स कों भर्ती करने का इरादा बना रहे हैं। प्रशिक्षुओं के भत्ते में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।” –सुमित कुमार, वीपी टीम लीज स्किल्स यूनिवर्सिटी