श्रीगंगानगर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राजियासर स्टेशन के राजस्व पटवारी द्वारा एक मामले में डेढ़ लाख की रिश्वत मांगे जाने का मुकदमा दर्ज किया है।एसीबी के सूत्रों के अनुसार राजियासर स्टेशन पटवार हल्का के राजस्व पटवारी संजीव मलिक ने एक विवादित कृषि भूमि का सीमा ज्ञान (पैमाइश) करने की एवज में यह रिश्वत मांगी थी। परिवादी अजीतसिंह निवासी हिंदौर, तहसील सूरतगढ़ की मां जीवनीदेवी (पत्नी सुभाष चंद) के नाम से नेशनल हाईवे 62 पर हिंदौर टोल प्लाजा के पास कृषि भूमि है। इसी जमीन की पैमाइश करने के बदले पटवारी ने अजीत सिंह से 2 लाग की रिश्वत मांगी, फिर डेढ़ लाख पर सहमत हो गया। एसीबी सूत्रों के अनुसार अजीतसिंह ने विगत 8 जुलाई को फोन पर बताया कि उसकी मां के नाम की जमीन को लेकर मंगतू खां आदि के साथ विवाद चल रहा है। मां ने राजियासर थाने में रिपोर्ट दे रखी है। इस रिपोर्ट पर जांच करते हुए राजियासर थाना प्रभारी ने तहसीलदार, सूरतगढ़ को तहरीर भेजी कि वे हल्का पटवारी को मौके पर भेजकर निशानदेही करवाने के लिए आदेश दें। इस पर परिवादी अजीतसिंह अपने जानकर रमेश खिलेरी के साथ पटवारी संजीव मलिक को मौके पर ले जाने के लिए मिला तो वह टालमटोल करने लगा। अजीतसिंह ने दो-तीन बार प्रयास किए लेकिन पटवारी वहां नहीं गया। उसने जमीन की निशानदेही (पैमाइश) की एवज में 2 लाख की रिश्वत मांगी। अजीतसिंह द्वारा यह शिकायत किए जाने पर एसीबी की श्रीगंगानगर चौकी (प्रथम) के प्रभारी डीएसपी वेदप्रकाश लखोटिया इसका गोपनीय सत्यापन करने के लिए मौके पर गए। उन्होंने सारे मामले की जानकारी जुटाई। शिकायत का गोपनीय रूप से सत्यापन करवाया गया, जिसमें सीमा ज्ञान (निशानदेही)की रिपोर्ट करने की एवज में पटवारी संजीव मलिक डेढ़ लाख रुपए लेने को सहमत हो गया। उसने 50 हजार पहले देने और एक लाख रुपए काम होने के बाद देने की बात कही। इसके बाद एसीबी ने उसे रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ने की तीन चार बार कोशिश की लेकिन पटवारी निजी कारणों से बाहर ही रहा। उसे ट्रैप नहीं किया जा सका। इस बीच संजीव मलिक का तबादला घडसाना तहसील क्षेत्र में हो गया। एसीबी ने रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो जाने की पूरी रिपोर्ट बनाकर एसीबी जयपुर मुख्यालय को भेजी। जहां अब पटवारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।श्रीगंगानगर में एसीबी की (द्वितीय) चौकी के प्रभारी डीएसपी भूपेंद्र सोनी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर दर्ज किए गए इस मुकदमे की जांच डीएसपी वेदप्रकाश लखोटिया को सौंपी गई है।