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टेम्पो ड्राइवर की बेटी बनीं ओपनर बल्लेबाज:नागौर की संध्या 7 साल पहले पिता के साथ पहुंची हैदराबाद, स्टेडियम में मैच देखा तो क्रिकेट खेलना शुरू किया, अब हैदराबाद टीम के लिए खेलेगी

नागौर

नागौर जिले के छोटे से गांव तामड़ोली की 14 साल की संध्या गौरा का बीसीसीआई के अंडर-19 विमन वनडे टूर्नामेंट में चयन हुआ है। संध्या हैदराबाद टीम के लिए खेलेगी। 3 सितंबर को हैदराबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए ट्रायल में संध्या का सिलेक्शन बतौर ओपनर बल्लेबाज किया गया।

संध्या जिले की पहली बेटी है, जो अब हैदराबाद स्टेट टीम के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेलेंगी। उनका पहला मैच राजकोट में 28 सितंबर से होना है। संध्या का यहां तक का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।

हैदराबाद में CM मिक्सड क्रिकेट लीग में चैम्पियन बनने पर विजेता ट्रॉफी उठाए संध्या।

संध्या नागौर जिले के छोटे से गांव तामड़ोली से हैं। यहां उनके घर के पास ही गोचर जमीन पर लड़के क्रिकेट खेलते थे। संध्या जब 4 साल की थीं तब वो अक्सर यहां होने वाले मैच देखने जाती थीं। इसके बाद करीब 7 साल पहले आर्थिक मजबूरियों के चलते संध्या को अपने पापा हनुमान गौरा के साथ परिवार सहित हैदराबाद आना पड़ा।

प्रैक्टिस के दौरान पेडअप होकर अपनी बारी का इंतजार करती बल्लेबाज संध्या।

संध्या के पिता हैदराबाद में टेम्पो चलाकर अपना और परिवार का गुजारा करते हैं। यहां आने के बाद संध्या अपने भाई के साथ तो कभी पापा के साथ टेम्पो में बैठकर घूमने जाती तो रास्ते में राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम और स्टेट क्रिकेट एकेडमी आती थी। एक दो बार वो जिद करके यहां पिता के साथ IPL मैच भी देखने गई। जब पहली बार यहां IPL मैच देखा तो संध्या ने ये भी ठान लिया था कि अब ऐसे ग्राउंड में ही क्रिकेट खेलना है।

एक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट अवार्ड हासिल करने के बाद ट्रॉफी उठाते हुए संध्या।

51 बॉल में शतक मार कर सभी को चौंका दिया
शुरुआत में संध्या ने हैदराबाद में जेडीमेटला क्षेत्र के मोहल्ले में क्रिकेट खेलना शुरू किया। यहां खेलते-खेलते स्कूल टीम में सलेक्शन हो गया। स्कूल टीम में उनका टैलेंट देखकर कोच ने बेहतर प्रैक्टिस करने और एकेडमी जॉइन करने की सलाह दी, लेकिन पिता की आर्थिक स्थिति से वाकिफ संध्या ने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया। सब कुछ ऐसे ही टाइम पास की तरह चलता रहा। इसके बाद 6 साल पहले हैदराबाद में हुए इंटर स्कूल टूर्नामेंट के फाइनल में 51 गेंदों पर ठोके धुआंधार शतक ने संध्या को पूरे शहर में पहचान दिला दी।

नियमित बैटिंग प्रैक्टिस के लिए अपनी क्रिकेट एकेडमी में जाते हुए संध्या।

पिता ने सब कुछ दांव पर लगा कर बेटी को भेजा क्रिकेट एकेडमी
संध्या के क्रिकेट टैलेंट की जानकारी धीरे-धीरे पिता हनुमान गौरा के पास पहुंची। स्कूल प्रिंसिपल, कोच और कई मिलने वाले लोगों ने उनसे संध्या को क्रिकेट एकेडमी जॉइन कराने की सलाह दी। इसके बाद हनुमान ने भी अपनी बेटी संध्या के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हैदराबाद की सबसे बढ़िया डॉन बॉस्को क्रिकेट एकेडमी में दिन में 3 प्रैक्टिस सेशन के लिए संध्या को दाखिला दिला दिया। यहां कोच बेंजामिन थॉमस की देखरेख में संध्या ने अपनी फिटनेस के साथ-साथ क्रिकेट स्किल पर काम करना शुरू किया। वो रोजाना सुबह साढ़े पांच से 9 बजे, फिर दोबारा साढ़े दस बजे से दोपहर 2 बजे तक और दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक जमकर प्रैक्टिस करती। इसके बाद डेढ़ साल पहले हैदराबाद की अंडर 16 स्टेट टीम में सलेक्शन हो गया, लेकिन कोरोना महामारी के चलते ज्यादा मैच खेलने के लिए नहीं मिल पाए।

हैदराबाद (अंडर 19) स्टेट क्रिकेट टीम की ओपनर बल्लेबाज संध्या गौरा।

अब अंडर 19 टीम में ओपनर के रूप में हुआ सिलेक्शन, 28 को राजकोट में पहला मैच
संध्या का 3 सितंबर को हैदराबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए ट्रायल में हैदराबाद स्टेट की अंडर 19 टीम में बतौर ओपनर सिलेक्शन हो गया। फिलहाल संध्या अपनी टीम के साथ गुजरात के राजकोट शहर में है, जहां प्रैक्टिस चल रही है। 28 सितंबर को वो राजकोट में ही हैदराबाद स्टेट की अंडर 19 टीम से बीसीसीआई के नेशनल वनडे टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलेंगी।

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