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वृंदावन विहार कॉलोनी की घटना:ढाई साल से थी नौकरानी, भरोसा ऐसा कि घर में ही रहने को कमरा दिया, प्रेमी संग मिलकर 40 लाख रुपए चोरी किए… दोनों गिरफ्तार

श्रीगंगानगर

इस टीम ने पकड़ा: एसएचओ विश्वजीत सिंह, एसआई आदेश कुमार, एएसआई हेतराम छिंपा, कांस्टेबल अजय यादव, विकास कुमार, चरणसिंह शामिल रहे। - Dainik Bhaskar

इस टीम ने पकड़ा: एसएचओ विश्वजीत सिंह, एसआई आदेश कुमार, एएसआई हेतराम छिंपा, कांस्टेबल अजय यादव, विकास कुमार, चरणसिंह शामिल रहे।

  • डॉक्टर महेश-सविता लालगढ़िया के घर हुई थी 40 लाख की चोरी, पुलिस ने 12 घंटे के अंदर ही आरोपियों को पकड़ा
  • बड़ी लापरवाही-डॉक्टर दंपती ने नौकरानी का वेरिफिकेशन नहीं करा रखा था, सबक-वेरिफिकेशन जरूरी

शहर में रविवार रात डाॅक्टर दंपती के घर से एक नाैकरानी अपने प्रेमी संग मिलकर 40 लाख रुपए लेकर फरार हाे गई। लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नौकरानी को उसके प्रेमी युवक संग कुछ ही घंटों में पीलीबंगा से गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से चुराई गई पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।

एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि सुखाड़ियानगर मार्ग स्थित लालगढ़िया हॉस्पिटल के संचालक डाॅक्टर दंपती महेश-सविता लालगढ़िया के वृंदावन विहार कॉलोनी स्थित कोठी में रविवार रात लगभग एक बजे यह वारदात हुई। पुलिस ने कुछ ही घंटों बाद हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा कस्बे से नौकरानी लक्ष्मी लोहार (30) पुत्री दली लोहार निवासी तेलीवाड़ा थाना बांदर हाट (पश्चिम बंगाल) और यहां एक होटल पर काम करने वाले युवक कृष्ण उर्फ लंबू (24) पुत्र बटेश्वर पासवान निवासी सिंगिया, जिला समस्तीपुर (बिहार) को पकड़ा।

ऐसे बनाया चोरी का प्लान

प्रेमी के उकसाने पर नाैकरानी ने रुपए चुराए, सूरतगढ़ के लिए पैदल ही रवाना हाे गए: डाॅक्टर के घर नाैकरानी लक्ष्मी लोहार करीब ढाई साल से काम कर रही थी। डाॅक्टर दंपती काे लक्ष्मी पर पूरा भराेसा था। करीब 3-4 महीने पहले ही लक्ष्मी की कृष्ण नाम के युवक से जान-पहचान हुई। यह आगे दाेस्ती में बदल गई। कृष्ण के कहने पर ही लक्ष्मी ने डाॅक्टर के घर से संबंधित जानकारी दी। कृष्ण ने लक्ष्मी से कहा कि वे रुपए लेकर भाग जाएंगे, जहां शादी करके आराम की जिंदगी व्यतीत करेंगे। लक्ष्मी के सामने ही डाॅक्टर ने अलमारी में रुपए रखे थे, दूसरा उसे यह भी पता था कि अलमारी की चाबियां कहां हाेती हैं। डाॅक्टर दंपती के घर से बाहर जाने के बाद लक्ष्मी ने अलमारी खाेलकर रुपए चुरा लिए तथा युवक के साथ भाग गई।

ऐसे पता चला कि चोरी हुई है

नाैकरानी काम करने सुबह अपने कमरे से नीचे नहीं आई, तब वारदात का पता चला : होली से एक दिन पूर्व रविवार रात को शहर के समीप एक फार्म हाउस में पार्टी का आयोजन किया गया था। डॉ. महेश लालगढ़िया और डॉ. सविता लालगढ़िया इस पार्टी में जाकर रात्रि लगभग 2 बजे वापस घर आए। जब दंपती घर आया तो मुख्य दरवाजा बंद नहीं था। नाैकरानी लक्ष्मी डाॅक्टर के मकान पर ही ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में रहती थी। सोमवार सुबह जब लक्ष्मी काम करने के लिए नीचे नहीं आई तब उन्होंने ऊपर कमरे में जाकर देखा तो उसका सामान भी गायब था। इस पर दंपती को शक हुआ। उन्होंने कीमती सामान संभाला तो एक अलमारी में दो बैग नहीं मिले। इन बैगों में 40 लाख रुपए रखे थे। तब डाॅक्टर ने तुरंत पुलिस को चोरी हो जाने की सूचना दी।

…और चंद घंटों में ही पुलिस नेे किया गिरफ्तार

होली माेबाइल फाेन की लाेकेशन पीलीबंगा में प्रदर्शित हुई ताे टीम तत्काल पहुंची: घटनास्थल पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल ही पहुंचे और जांच-पड़ताल में जुट गए। इसी दौरान पता चला कि लालगढ़िया हॉस्पिटल के समीप एक होटल पर कुछ समय पहले तक काम करने वाला कृष्ण उर्फ लंबू भी गायब है। दोनों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहे थे। साेमवार दोपहर बाद कुछ देर के लिए कृष्ण का मोबाइल फाेन ऑन हुआ और उसने किसी से बात की तो लोकेशन सूरतगढ़ में आई। पुलिस की एक टीम सूरतगढ़ पहुंची, लेकिन शाम को मोबाइल की लोकेशन पीलीबंगा कस्बे में प्रदर्शित हुई। पुलिस की दो तीन टीमें देर रात पीलीबंगा पहुंचीं। वहीं से रात्रि को अवध आसाम एक्सप्रेस में रवाना होने से पहले इनको काबू कर लिया गया।

सूरतगढ़ ट्रेन से भागने की फिराक में थे, पुलिस ने मोबाइल नंबरों से ट्रेस करके पीलीबंगा में दोनों को पकड़ लिया

बताया जा रहा है कि श्रीगंगानगर से सूरतगढ़ के लिए दाेनाें पैदल ही रवाना हुए। रास्ते में एक-दाे ट्रैक्टर वालाें से मदद लेकर सूरतगढ़ पहुंचे। जहां शक हाेने पर वे पीलीबंगा चले गए। जांच अधिकारी जवाहरनगर थाने के सब इंस्पेक्टर आदेश कुमार ने बताया कि डाॅक्टर दंपती के घर से काले रंग के जिन दो बैगों में 40 लाख की रकम चोरी की गई, वह बैगों सहित बरामद कर ली गई है।

वेरिफिकेशन के 3 तरीके

  • 1. ऑन लाइन : राजस्थान पुलिस पोर्टल के लिए police.rajasthan.gov.in पर लॉग इन करें। इस पर नौकर व किरायेदार के वेरिफिकेशन के लिंक पर जाकर फार्म खोलें और डिटेल भरें।
  • 2. ई-मित्र : खुद ऑनलाइन फार्म नहीं भर सकते तो ई-मित्र केंद्र पर जाएं और वहां से पुलिस पोर्टल पर फार्म भरवाएं।
  • 3. ऑफ लाइन : आप संबंधित पुलिस थाने जाकर भी मैनुअल वेरिफिकेशन का फार्म भर सकते हैं।

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