श्रीगंगानगर. प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी तीसरे विकल्प के रूप में अपना भाग्य अजमाएगी। इसके लिए आम आदमी पार्टी ने संगठन को मजबूत बनाने की तैयारियां शुरू कर दी है। इस कारण यहां जिला मुख्यालय पर सभा प्रस्तावित की गई लेकिन जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने पर यह सभा मटीलीराठान गांव में हुई।
इस सभा में मुख्य वक्ता राजस्थान प्रभारी और राज्य सभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि देश के लोकतंत्र का गला घोंटकर भाजपा की केन्द्र सरकार ने कृषि के तीनों कानून किसानहित की बजाय चंद पूंजीपतियों के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि को पूंजीपतियों के हाथों में गिरवी रखना ही इस कानून में प्रावधान किया गया है। किसान पिछले दस महीने से दिल्ली के पास सड़कों पर आंदोलनरत है। अब तक सात सौ किसानों की मौतें हो चुकी है।
लेकिन सरकार अडि़ंग है। उन्होने बताया कि इस किसानों की इस मांग को चुटकी में हल किया जा सकता है। यदि सरकार इन तीनों कानून में समर्थन मूल्य की गारंटी लिखकर दे तो यह आंदोलन समाप्त हो जाएगा लेकिन सरकार यह भी संशोधन नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी किसानों के आंदोलन का समर्थन करती है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गली मोहल्ले में पार्टियां है, वहां मुकाबला भाजपा के साथ होगा। सांसद ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल से लोग निराश हो चुके है। यही स्थिति राजस्थान में अगामी विधानसभा चुनाव में होने वाली है। यहां भी कांग्रेस और भाजपा से तंग आए लोग आम आदमी पार्टी के प्रति विश्वास जताने लगे है।
इससे पहले राजस्थान की महिला प्रभारी कीर्ति पाठक, खेमचंद जागीरदार, प्रदेश सचिव देवेन्द्र शास्त्री,शमशेर सिंह, यूपी की खुदा कुरैशी, जवाहर शर्मा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
आप के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की गहलोत सरकार ने जानबूझकर जिला मुख्यालय पर पब्लिक पार्क में यह जनसभा आयोजित नहीं होने दी। लोकतंत्र में किसी भी दल या संगठन को धरना प्रदर्शन और सभा आयोजित करने का अधिकार है। लेकिन कांग्रेस ने जानबूझकर वहां सभा करने की अनुमति नहीं दी। सांसद ने कांगे्रस की दिल्ली विधानसभा चुनावों में हुई किरकिरी पर चुटकी ली।
ज्ञात रहे कि रीट परीक्षा के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में जिला प्रशासन ने पब्लिक पार्क में जनसभा की अनुमति नहीं दी। इस कार्यक्रम में राजस्थान प्रभारी को सम्मानित करने की हौड़ सी मच गई।
किसी ने राजस्थानी पगड़ी पहनाई तो किसी ने महाराजा गंगासिंह की फोटो तो किसी ने संजय सिंह की खुद की फोटो तो किसी ने बड़ी माला डाल कर अभिनंदन किया। सभा स्थल पर सीमित भीड़ आने के कारण मुख्य वक्ता डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे। हालांकि आयोजकों ने कम भीड़ की वजह जनसभा स्थल बदलने की वजह बताया।