श्रीगंगानगर (सीमा सन्देश)। 5 वर्ष तक के बच्चों में कमजोरी होना और मृत्युदर पर अंकुश लगाने के लिए जिला अस्पताल में कुपोषण उपचार (एमटीसी) केन्द्र बनाया गया है। इस वार्ड में कुपोषित बच्चों को ही इलाज के लिए भर्ती किया जाता है। यह 10 बैड का अलग से वार्ड बनाया गया है और इसमें 5 वर्ष तक के कुपोषण के लक्षण वाले बच्चों को ही भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। कुपोषित बच्चों की जांच, इलाज और खाना (डाईट) नि:शुल्क के साथ भर्ती बच्चों को प्रतिदिन के हिसाब से सौ रुपए भी दिए जाते हैं। यह राशि अस्पताल से छुट्टी होने के दिन बच्चे के परिजन को नगद दी जाती है। यह अन्य वार्डों से हटकर वार्ड बनाया गया है। इसमें बच्चों के लिए खिलोने, रंगदार बैडशीट, दीवारों पर अलग-अलग तरह के चित्र बनाए गए हैं तथा बड़ी एलईडी लगाई गई है और इस वार्ड में 2 एसी भी लगाए गए है। (विस्तृत समाचार सीमा सन्देश में पढ़ें।)