बीमारियों को पहचानने के लिए वैज्ञानिक नई तरह की जांचों को विकसित करने में जुटे हैं। इलेक्ट्रॉनिक नोज इसका एक उदाहरण है। इलेक्ट्रॉनिक नोज के जरिए लिवर, फेफड़े और कोलोन कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। बीमारियों की जांच करने के लिए इस नाक को अपनी नाक पर मास्क की तरह लगाना होगा और कुछ ही समय में बीमारी का पता चल जाएगा।
इसे तैयार करने वाली यूके की बायोटेक कंपनी आउलस्टोन मेडिकल का कहना है, इलेक्ट्रॉनिक नोज (ई-नोज )की मदद से कोविड का पता लगाया जा सके, इस पर भी काम किया जा रहा है। इसे ई-नोज भी कहते हैं।
रिर्च के मुताबिक, आमतौर पर मरीज ब्लड, यूरिन और मल का सैम्पल देते समय सहज नहीं महसूस करता, लेकिन नई जांच मरीजों के लिए बेहद आसान साबित होगी और समय भी कम लगेगा।