जयपुर
टोंक जिले में 8 दिन पहले एक मासूम को रेप के बाद जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्ची के बयान लेने के लिए 2 दिन पहले जयपुर से स्पेशल मजिस्ट्रेट अस्पताल पहुंचीं। बच्ची इतनी डरी और सहमी थी कि कुछ बता नहीं पाई। बयान के लिए काफी चुनौती उठानी पड़ी। दो घंटे तक मजिस्ट्रेट बच्ची के साथ वार्ड में रही।
बयान के लिए बच्ची की मां और मजिस्ट्रेट ने उसे दुलारा भी, लेकिन वह बोल नहीं पाई। इस दौरान मां की आंखों में भी आंसू आ गए थे। इस पर मां ने एक 10 रुपए का नोट निकाल बच्ची को दिया और प्यार जताते हुए सिर पर हाथ फेरा। बच्ची कुछ नॉर्मल हुई। मजिस्ट्रेट पूछने लगी तो मां की तरफ देखने लगी। कुछ नहीं बोली।