नई दिल्ली
एक आम धारणा है कि निवेश बाजार एक जुंआ है। इसी कारण लोग इसके बारे में जानने की कोशिश नहीं करते और निवेश शुरू करने से बचते हैं।
किसी को भी सफलता एक दिन में नहीं मिलती। एक सफल आदमी के पीछे कई वर्षों की मेहनत होती है। उसके पीछे एक बड़ा निवेश होता है, जिसे बिना किसी रिर्टन की अपेक्षा में तब तक किया जाता है। जब तक निवेश का उद्देश्य सफल न हो जाए। हालांकि, कई व्यक्ति ऐसे होते हैं जो शुरुआती चरण में ही मिली एक दो असफलताओं से घबराकर कदम पीछे खींच लेते हैं और आम लोगों की तरह भीड़ का हिस्सा हो जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ निरंतरता बनाए रखने वाला व्यक्ति एक दिन सफल हो ही जाता है।
कई विकसित देश जैसे अमेरिका, चीन, ब्रिटेन एक दिन में विकास की सीढ़ी नहीं चढ़े। इन्हें विकसित देशों की सूची में शामिल होने के लिए लंबे अनुभवों से गुजरना पड़ा। नागरिकों पर लंबा निवेश करना पड़ा। ठीक इसी तरह हमें अगर अमीर बनना है तो बिना कुछ किए एक लंबे निवेश से गुजरना पड़ेगा।