चंडीगढ़
स्वास्थ्य विभाग ने 178 एनएचएम कर्मचारियों को नौकरी से तो निकाल दिया लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। अब इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। एक ओर जहां शहर के आधा दर्जन स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण ठप होने की शिकायत सामने आ रही है, वहीं चंडीगढ़ जैसे शहर में एक परिवार को मजबूरन घर में प्रसव कराना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अचानक एनएचएम कर्मचारियों को निकालने के निर्णय से व्यवस्था चरमरा गई है। जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है, उनमें लगभग 40 एएनएम भी शामिल हैं। उनके नौकरी से निकाले जाने के बाद उनकी तैनाती वाले केंद्रों पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से भारी परेशानी हो रही है। लोगों को कहना है कि इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य अधिकारी दोषी हैं।