कईयों को मिले तीन कट्टे तो कई लौटे खाली हाथ
रावतसर (सीमा सन्देश संवाददाता)। कभी पानी तो कभी बिजली को लेकर परेशान रहने वाले किसान वर्तमान में डीएपी खाद को लेकर परेशानी का सामना कर रहे है। नई धानमण्डी में खाद आने की सूचना पर तड़के ही किसान बड़ी संख्या में मण्डी परिसर में पहुंच गए। परन्तु कई घंटो लाइन में लगने के बाद कुछ किसानों को तीन कट्टे खाद मिली तो कईयों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। पिछले दिनों नरमे- ग्वार- मूंग- मोठ और मूंगफली की फसल अधिक बरसात होने के बाद लगभग खराब हो गई थी। ऐसे में किसान अब गेहूं की फसल पर आस लगाए बैठे हैं। परन्तु इसके लिए डीएपी खाद के लिए उन्हे दर दर भटकना पड़ रहा है। इसके बावजूद उनकी सुनवाई करने या समस्या का समाधान करने वाला कोई नहीं है। सोमवार को नई धान मंडी में सारण फर्टिलाइजर पर 1000 कट्टे व पवन फर्टिलाइजर और श्री राम फर्टिलाइजर पर 3-3 हजार कट्टे पहुंचे। परन्तु यहां खाद लेने पहुंचे सभी किसानों को खाद नहीं मिली। किसानों ने बताया कि अगर समय पर खाद नहीं मिली तो गेहूं की फसल लेट हो जाएगी। प्रशासन की तरफ से ओम प्रकाश ने बताया कि दो-चार दिनों में खाद और आने की संभावना है। इसके बाद किसानों की पूर्ति की जाएगी। राजेश टाक ने कहा कि अगर किसानों को खाद नहीं मिली तो गेहूं की फसल में नुकसान हो सकता है। खोडा ,15- 16 केडब्ल्यूडी धन्नासर, रामपुरा मटोरिया, गंधेली सहीत ग्राम पंचायतों के किसानों को खाद के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।