अलवर
तीनों कृषि कानून सरकार ने वापस ले लिए। कृषि कानून वापस होते ही भास्कर शाहजहांपुर हरियाणा बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचा। खुशियों के बीच बॉर्डर पर मोदी हारा, किसान जीता के नारे गूंजने लगे। जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर के साथ किसानों ने नेशनल हाईवे 48 पर ही नारेबाजी कर खुशी जाहिर की। यहां तीनों कृषि कानूनों के विरोध में शाहजहांपुर-हरियाणा बॉर्डर पर 11 माह 7 दिन से आंदोलन जारी था।
आंदोलनकारियों का कहना है कि किसानों की यही सबसे बड़ी मांग थी, जिस पर सरकार को पीछे हटना पड़ा। किसान नेताओं का कहना है कि इस आंदोलन में शहीद हुए किसानों को कैसे भूल सकते हैं? उनके परिवारों की खातिर संयुक्त किसान मोर्चा चर्चा करेगा। उसके आधार पर आगे निर्णय किया जाएगा। शाम करीब 4 बजे तक शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान मोर्चा के पदाधिकारी और मौजूदा किसान चर्चा करेंगे। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा के जरिए भी आगे की गाइडलाइन मिलेगी।
किसान नेताओं का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांग यही थी, जो पूरी हो गई। इस कारण अब बॉर्डर से तो हटना ही है। अलवर के शाहजहांपुर-हरियाणा बॉर्डर पर 12 दिसंबर 2020 से किसानों का आंदोलन जारी है। जो नेशनल हाईवे 48 पर टैंट और तंबू लगाकर आंदोलनरत हैं। आगे हरियाणा सरकार ने बैरिकेडिंग कर किसानों को दिल्ली जाने से रोक दिया था। इस कारण किसानों ने हाईवे पर ही डेरा डाल लिया था।