जयपुर
राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार में करीब 3 साल बाद मंत्रिमंडल फेरबदल हो रहा है। इसके बाद अब सचिन पायलट की भूमिका पर फैसला होगा। पायलट समर्थकों को मंत्रिमंडल में जगह मिल चुकी है। कुछ को राजनीतिक नियुक्तियों में जगह मिलेगी, यह भी तय हो चुका है। सचिन पायलट को फिलहाल राजस्थान में पद देने की जगह राष्ट्रीय महासचिव बनाकर किसी राज्य का प्रभारी बनाया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पायलट की मुलाकात में इस पर फैसला हो चुका है।
बताया जाता है कि सचिन पायलट दूसरे राज्य का प्रभारी बनने के बाद भी राजस्थान में सक्रिय रहेंगे। पायलट खुद कह चुके हैं कि हाईकमान जो जिम्मेदारी देगा, उसके लिए वह तैयार हैं। इस बयान के बाद साफ है कि पायलट को चुनावी राज्यों में स्टार प्रचारक बनाने के साथ किसी राज्य के प्रभारी की भी जिम्मेदारी दी जाएगी। सचिन पायलट की प्राथमिकता पहले अपने कैंप के विधायकों और समर्थक नेताओं को सत्ता-संगठन में पद दिलाने की थी। पायलट की खुद की भूमिका पर फैसला हो चुका है। उन्हें अगले कुछ दिनों में संगठन में पद दिया जाएगा।