शिक्षकों की स्थानांतरण नीति में लाई जाए पारदर्शिता
by seemasandesh
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के सम्मेलन में उठा मुद्दा हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ का दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन सोमवार को टाउन के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नम्बर 1 में शुरू हुआ। सम्मेलन में संघ से जुड़े जिले भर के शिक्षक शामिल हुए। सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में अतिथियों के रूप में नेतराम महिया, संतलाल, अशोक, रामस्वरूप ढिल, महेन्द्र सिंह, कालूराम, रायसिंह, बलवन्त, राजेश ज्याणी, तेजपाल शर्मा ने शिरकत की। सम्मेलन में शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों की स्थानांतरण नीति निर्धारित नहीं की जा रही। शिक्षा विभाग व सरकार की ओर से स्थानांतरण नीति में ऐसी पारदर्शिता लाई जाए ताकि कोई शिक्षक इससे प्रताड़ित न हो। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से चलाए जा रहे निष्ठा आॅनलाइन प्रशिक्षण उनमें भी देखा गया है कि कई बार इंटरनेट की समस्या आती है। कई ऐसी समस्याएं सामने आती हैं जिनके कारण शिक्षक समय पर प्रशिक्षण हासिल नहीं कर पाते। इसलिए सरकार की तरफ से ऐसे शिक्षकों को दोबारा मौका दिया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि अतिरिक्त कार्य के रूप में सरकार की ओर से शिक्षकों की बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक शिक्षक इस बात से बड़ा खफा है। इसलिए सरकार से मांग है कि बीएलओ के कार्य की अतिरिक्त ड्यूटी से हटाकर शिक्षक को उसका मूल कार्य करने दिया जाए। सम्मेलन में 2012 में चयनित अध्यापकों के स्थिरीकरण, प्रधानाध्यापक पद समाप्त करने का विरोध, आठवीं में उत्तीर्ण व अनुत्तीर्ण अनिवार्य नियम लागू करने, अवकाश के दौरान कार्य का पीएल देने, पहले की भांति इच्छित व्यक्तियों की 6डी करने आदि मुद्दों पर भी चर्चा हुई। संघ के जिला मंत्री सोम सैन ने कहा कि सम्मेलन में सिर्फ अधिकारों की ही नहीं बल्कि अपने कर्तव्यों पर भी चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एक नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इसके तहत अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शुरू किए गए हैं। अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के वे छात्र जो हिन्दी माध्यम के थे, वे न तो उस विद्यालय में प्रवेश ले रहे हैं और न ही उनके नजदीक कोई अन्यत्र विद्यालय है। ऐसे में उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। इसलिए शिक्षक संघ की मांग है कि सरकार यदि व्यवस्था कर रही है तो अलग से भौतिक सुख-सुविधाएं उपलब्ध करवा अलग भवन का निर्माण करवा अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शुरू करे। इस मौके पर कश्मीर कौर, यादविन्द्र सिंह, जगदीश शर्मा, सुरजाराम सहित संघ के कई सदस्य मौजूद थे।