मुंबई
रिजर्व बैंक ने एक बार फिर रेपो और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले अंतिम बार मई 2020 में रेपो रेट को घटाया गया था। इसके मायने ये हैं कि जिन लोगों ने कर्ज लिया है, वे अभी कुछ और समय तक कम ब्याज दरों का आनंद ले सकते हैं। पर जो लोग कर्ज लेना चाहते हैं, उन्हें क्या करना चाहिए, हम बता रहे हैं।
2001 अप्रैल के बाद रेपो-रिवर्स रेपो सबसे कम
रिजर्व बैंक की 8 दिसंबर को मौद्रिक नीति कमिटी (MPC) की 3 दिनों की बैठक खत्म हुई। रेपो रेट 4% पर और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बरकरार है। रेपो रेट का यह लेवल 2001 अप्रैल के बाद सबसे निचला लेवल है। रिजर्व बैंक के फैसले के बाद ज्यादातर बैंक अभी निकट समय में ब्याज की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करेंगे।