भीलवाड़ा
भीलवाड़ा के ऊपरमाल का जंगल गिद्ध की 9 दुर्लभ प्रजातियों में से 7 के लिए सुरक्षित स्थान बन चुका है। पिछले 2 सालों में बिजौलिया के मेनाल व भडक्या के जंगलों में इन गिद्धों की तादाद तेजी से बढ़ी है। आए दिन यहां सैंकड़ों की संख्या में गिद्ध नजर आ रहे हैं। इस क्षेत्र को अपना नया घर बना रहे इन सात प्रजाति के गिद्धों पर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अश्विन टांक दो साल से नजर रख रहे हैं।
दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अश्विन टांक ने बताया कि देश में इन गिद्धों के लिए ऊपरमाल का जंगल हर तरीके से काफी सुरक्षित व अनुकूल है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस क्षेत्र में सिनेरिअस वल्चर, व्हाइट रंपड, हिमालयन ग्रिफर, युरेशियन ग्रिफन जैसी कभी-कभार दिखने वाली प्रजाति भी नजर आ रही है। यह भीलवाड़ा के लिए बहुत बड़ी बात है। जबकि गिद्ध की इन प्रजातियों को लगभग लुप्त मान लिया गया है।