बीकानेर
राज्य सरकार चारागाह भूमि पर 35 सालों से कब्जा कर रहने वालों को नियमित करेगी। जितनी जमीन का नियमितीकरण किया जाएगा, जिला प्रशासन उतनी ही सिवायचक की जमीन क्षतिपूर्ति के रूप में देगा। चारागाह भूमि पर 35 सालों से घर बनाकर रहने वाले कब्जाधारियों को पट्टे देने की तैयारी कर ली है। इसके लिए पॉलिसी भी बना ली गई है। तहसीलदार ऐसे लोगों की सूची बनाएंगे। नियमितीकरण करवाने वालों को राशनकार्ड, मतदाता सूची, बिजली, पानी, टेलीफोन का बिल देना होगा जिससे यह साबित हो कि एक जनवरी, 86 से पहले से रह रहा है।
चारागाह की जितनी भूमि रहने के लिए नियमित की जाएगी, कलेक्टर को क्षतिपूर्ति के लिए सिवायचक की उतनी ही जमीन देनी भी होगी। ग्राम पंचायत ऐसे किसी भी शख्स को पट्टा नहीं देगी जिसके पास पहले से उस पंचायत में रहने के लिए मकान होगा। सरकार ने चारागाह भूमि में पट्टे देने से पहले महाधिवक्ता से विचार-विमर्श किया और 20 दिसंबर को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में कब्जाधारियों को बेदखल किए जाने की बजाय उन्हें पट्टे देने का अनुमोदन किया। उसके बाद चारागाह की सघन आबादी को नियमित करने की पॉलिसी बना दी गई।